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गणतन्‍त्रदिवसस्‍य हार्दिकी शुभकामना: - Republic Day (26 January)
 26 जनवरी 1950 इति अस्मिन् दिवसे एव अस्‍माकं भारतस्‍य गणतन्‍त्रं पूर्णरूपेण क्रियान्वितम् अभवत् ।  गणतन्‍त्रस्‍य पूर्णक्रियान्‍वयनं इत्‍यस्‍यार्थ: पूर्णस्‍वतन्‍त्रता ।  तत: पूर्वं स्‍वतन्‍त्रताया: उद्घोषणा तु आसीत् किन्‍तु शासनकार्यस्‍य चालका: अस्‍माकं भारतीया: न अपितु वैदेशिका: एव आसन् ।  केवलं नाम आसीत् अस्‍माकं स्‍वतन्‍त्रताया: ।  अस्‍माकं स ... [read more]
"अब चमन, अपना ठिकाना हो गया है" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")
दिल हमारा अब दिवाना हो गया है। फिर शुरू मिलना-मिलाना हो गया है।। [read more]
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बसंत ऋतू की शुभकामनाएं...
आइये कुछ झलकियां तो देख लीजिए मित्र मेरे ब्लाग में बसंत पंचमी की... [read more]
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दो सिंदूरी दुखांत के बाद स्टीफेंस का बयान
ब्रह्मांड का रहस्य जटिल तो है पर अबूझ नहीं। इस रहस्यमयता का भेदन रोमांटिक तो हो सकता है पर डरावना कतई नहीं। इसलिए यह मानने का भी कतई कोई कारण नहीं है कि इस सृष्टि का स्रष्टा ईश्वर है। स्टीफन विलियम हॉकिंग जब यह कहते हैं तो उनकी वैज्ञानिक दृष्टि की सूक्ष्मता और उपलब्धि देखकर कोई भी कायल हो जाए। ब्राह्मांड की रचना को समझने और इसके रहस्य को आ ... [read more]
हाइकु - बसन्त पर
(१) पीले हैं खेत   [read more]
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फिर से .................
जुस्तजू सी उभर गयी फिर से शाम भी कुछ निखर गयी फिर से [read more]
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पटना के अशोक राजपथ से अग्निपथ तक का सफर
भोर होने में कुछ घंटे बाक़ी रहे होंगे। दरवाज़े के सांकल को चुपचाप लगाकर निकल गया था। गांधी मैदान की तरफ पैदल ही। फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने का जुनून टीवी और मल्टीप्लेक्स के आने के पहले सिनेमा संस्कृति का हिस्सा रहा है। टिकट खिड़की पर कतार में खड़ी भीड़ के कंधे के ऊपर से चलते हुए काउंटर तक पहुंच जाने वाले भले ही लफंगे कहे जाएं मगर उनका यह करतब मु ... [read more]
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वामाखेपा का चित्र
विनय बिहारी सिंह [read more]
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सखा ....प्रेम काव्य...अष्टम सुमनान्जलि--..सहोदर व सख्य-प्रेम...गीत-5 ....डा श्याम गुप्त..
       प्रेम  -- किसी एक तुला द्वारा नहीं तौला जा सकता, किसी एक नियम द्वारा नियमित नहीं किया जा सकता; वह एक विहंगम भाव है  | प्रस्तुत है-- अष्टम सुमनान्जलि--सहोदर व सख्य-प्रेम ...इस खंड में ...अनुज, अग्रज,  भाई-बहन,  मेरा भैया,  सखा ,  दोस्त-दुश्मन एवं दाम्पत्य ...आदि सात  रचनाएँ प्रस्तुत की जायेंगी ---प्रस्तुत है ... पंचम रचना ...सखा ....  ... [read more]
मेरी टिप्पणी
 बेसुरम पर -- [read more]
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नए तिब्बत की कविता - ५
अड़तीस साल के तेनजिन त्सुंदे कहते हैं - "मानवीय कथाओं में हमेशा एक सार्वभौमिक अनुगूंज होती है. मैं मानता हूँ कि जहां मेरा दिल में अपने परिवार के साथ अपने घर में रह सकने के एक सपने की टीस होगी, यह नैसर्गिक होगा कि हर कोई उस दर्द को पहचान लेगा, चाहे मेरा पाठक एक चीनी ही क्यों न हो." [read more]
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फ़ायरफ़ॉक्स की गति से खुश नहीं हैं? वाटरफ़ॉक्स प्रयोग करें
वाटरफ़ॉक्स को खास तेज गति की ब्राउजिंग / इंटरनेट सर्फिंग के लिए ही बनाया गया है. [read more]
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अब मंदिर में घंटी बजाने पर रोक की माँग
(चित्र में भक्तों को रोकती हुई महिला पुलिस कांस्टेबल) [read more]
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कृष्ण लीला .........भाग 35
जब कंस ने वत्सासुर का वध सुना [read more]
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है इंसा कि शिकायत कि मुझको कुछ नहीं मिला
हर बज्म में बैठे और खुदको साबित भी कर लिया | फिर भी रही शिकायत की  हमको कुछ नहीं मिला | [read more]
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तस्वीर जो बोलती है : आँखों देखी ( आज की तस्वीर )
" तस्वीर बेजुबान होते हुवे भी बोलती है ..आज की तस्वीर ये रही इस तस्वीर को मीडिया ने बखूबी छुपाया है और बहुत ही कम लोग इस बात को जानते है ...और इसी आदमी को सत्ता से दूर करने के लिए आज भी सरकार अपना सारा दम ...सारी ताकत लगा रही है |" [read more]
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माया और भक्ति दोनों का एक साथ रहना सम्भव नहीं है
74 प्रश्न - महाराज जी ! कभी कभी भजन ध्यान का अभ्यास करते समय सिर और आंखों में दर्द होने लगता है । इसका क्या उपाय करें ? उत्तर - ऐसे समय में यह अच्छा है कि धीरे धीरे अभ्यास को बढाना चाहिये । ऐसा करने से यदि दर्द सिर में या आंखों में होने लगे । तो कुछ देर के लिये अभ्यास बन्द करके आराम कर ले । घूम टहल ले । कुछ देर के विश्राम के बाद अभ्यास करे । व ... [read more]
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आज का जीवन सूत्र-२७-१-२०१२
आज का जीवन सूत्र-२७-१-२०१२  आनंद पाने के लिए हम संसार में हैं ,आनंद ही हमको पाना है ,अपनी जिंदगी में आनंद लाओ ! इसके लिए माया के बंधन से दूर होना पडेगा !  [read more]
आज का विचार -27/1/12
---------- Forwarded message ---------- From: Praveen Verma [read more]
सुख और दुःख
मित्रो  सुख और दुःख जीवन के अभिन्न अंग है , इनके साथ ही जीना है और इन्हें स्वीकारना ही जीवन में प्रसन्नता लाता है  आगे पढ़े [read more]
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पा-जी अन्ना राव, पिलाओ बाबा घुट्टी ।
काढ़ा गाढ़ा हो चला, बूढ़ा फिर भी त्रस्त । पैसठ सालों में शिथिल, बरबस परबस पस्त । [read more]
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आखिर ये अमरकथा क्या है ? देवत्व को प्राप्त हुआ तोता
आदरणीय राजीव जी ! सादर सप्रेम नमस्कार । मेरे प्रश्नों के जवाब में आपने बहुत ही सारगर्भित जानकारियाँ दी । और मेरे ज्ञान में अभिवृद्धि की । इसके लिए अनेकानेक धन्यवाद प्रेषित करता हूँ । शुकदेव जी के प्रसंग में आपने बताया कि गर्भ से ही वे पूर्ण रूप से ज्ञान को प्राप्त किये हुए थे । लेकिन गुरु नहीं बनाने के कारण उन्हें स्वर्ग द्वार से लौटा दिया गया ... [read more]
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नेरुदा-क्रोनिन : सवाल-जवाब
पाब्लो नेरुदा की 'सवालों की किताब' से कुछ सवाल आप इस ब्लॉग पर पढ़ते रहे हैं. आस्ट्रेलियाई कवियत्री एम टी सी क्रोनिन ने 'नेरुदा के सवालों से बातचीत' की है. क्रोनिन का जन्म १९६३ में हुआ था. क्वीन्सलैंड में रहने वाली क्रोनिन पेशे से अधिवक्ता हैं. उनके कई कविता-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं.   [read more]
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भाव और शब्द
भाव के गर्भ से  जन्म लेते शब्द ज़ेर से अटे नग्न करते हैं रुदन पर होते हैं जीवंत [read more]
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आज नमन करते हैं तुझको
आज नमन करते हैं तुझको [read more]
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दुख का तो उपकार माने बेटे
एक बड़ा प्रसिध्द राज नेता था बंगाल में ….बड़ा जाना-माना था..धर्म परायण व्यक्ति था..अश्विनी दत्त बंगाल के प्रसिध्द राज नेता थे..उन के गुरु राज नारायण थे. उस के गुरु को लकवा मार गया..3 महीने के बाद अश्विनी को पता चला…3 महीने से गुरु को लकवा मार गया, मुझे पता नही चला सोच कर विव्हल हो कर भागता भागता आया गुरु के पास…ज्यो ही गुरु के पास पहुँचा..प्रण ... [read more]
मतदाता और सांसद विधायकों के लियें वोट डालने की अनिवार्यता कानून की आवश्यकता
विश्व के सबसे बढ़े लोकतंत्र भारत में इन दिनों भजपा के नेता लालकृष्ण अडवानी ने राजनीति और उम्र के आखरी पढाव में आकर जो समझा वोह यह है के देश में सभी को वोट डालने के लियें पाबंदी का कानून बनना चाहिए ..यह सही है के लाल कृष्ण आडवाणी को सत्ता से लेकर विरोध में रहने के कारण राजनीती के कटु और व्यवहारिक अनुभव है उन्होंने रूपये लेकर सांसदों को वोट डालत ... [read more]
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ऐसे परोसें खाना तो नहीं लेनी पड़ेगी पेन-किलर
आयुर्वेद सदियों से भोजन या अन्न को जीवन के लिए श्रेष्ठ मानता रहा है और हमने यह सुना भी है कि निरोगी तन के लिए निरोगी अन्न भी जरूरी है- और यदि यह प्यार से बनाया,परोसा और खिलाया जाय तो क्या कहने, इसलिए हमने अक्सर घर के खाने में ये सभी गुण बताये गए हैं, अब वैज्ञानिकों की मानें तो यदि भोजन प्यार से बनाया और परोसकर खिलाया जाय, तो यह दर्द को भी ... [read more]
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माता सरस्वती-हाइगा में
सरस्वती मयादृष्टवा वीणापुस्तकधारिणी हंसरूढ़ा समायुक्ता विद्या दान करो मम|| [read more]
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गुप्त नवरात्रिः आयु व बल देती है मां कुष्मांडा
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कैद में हैं भगवान, जमा करने होंगे 45 लाख तब होगी जमानत
आरा। देश का कोई वीर सपूत मेरी भी जमानत ले लो। कोई मुझे इस जंजीर से छुटकारा दिला दो। ये पुकार किसी मानव का नहीं यह बंधनों को काटने वाले भगवान हनुमान की हो सकती है, क्योंकि वे अपने मंदिर से निकल कर पुलिस थाने के हाजत में बंद हैं। आरा शहर से 15 किलोमीटर उत्तर कृष्णगढ़ थाना क्षेत्र के गुंडी ग्राम में स्थित करीब दो सौ वर्ष पुराना श्री रंग जी क ... [read more]
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आपके लिए अपशकुन होते होंगे चमगादड़, यहां मिला भगवान का दर्जा!
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आंध्र नहीं, कोटा में भी तिरुपति बालाजी, यहां एक भक्त ने चढ़ाई अनोखी भेंट!
कोटा.रावतभाटा रोड स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर में किसी अज्ञात भक्त ने 5 लाख का असली हीरा चढ़ाया है। मंदिर के ट्रस्टी विनोद जैन (सर्राफ) ने हीरे के असली होने की पुष्टि की है। जैन के अनुसार हीरे की जांच करवा ली गई है। उसकी बाजार में कीमत करीब पांच लाख रुपए है। भक्त के आग्रह पर मंदिर ट्रस्ट ने हीरे को बालाजी की ठुड्डी में जड़वा दिया है। मंदिर ... [read more]
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सबकुछ रहा ठीक तो कोटा का यह मंदिर रच देगा इतिहास!
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हिटलर जैसी संतान के लिए लोग यहां आते हैं !
कश्मीर हम अपने पाठकों के लिए जम्मू-कश्मीर के इतिहास, विवाद, वहां के रीति रिवाज सब कुछ बताने का सीरिज चला रहे हैं। इसके तहत आज हम आपको शुद्ध आर्य रक्त का दुनिया का एक मात्र गांव का दावा करने वाले गांव की सैर कराते हैं । [read more]
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लोग क्यों करते हैं आत्महत्या, यह है इसके पीछे का 'राज'
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आडवाणी ने भी कहा- वोटिंग को करो अनिवार्य
नई दिल्‍ली. भाजपा के वरिष्‍ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने गुरुवार को गणतंत्र दिवस पर अनिवार्य मतदान की वकालत कर एक नई बहस छेड़ दी है। आडवाणी ने कहा कि देश में इस लक्ष्य को हासिल करना नामुमकिन नहीं है। उधर, सरकार और दूसरे दलों को आडवाणी का यह 'आइडिया' रास नहीं आया है। [read more]
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नए तिब्बत की कविता - ४
तेनजिन त्सुंदे की कविताओं की सीरीज जारी है - [read more]
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रति को वरदान
दोहा : [read more]
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कुरान का संदेश
www.akhtarkhanakela.com [read more]
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माता पधारो मम हृदय में, पंचमी त्योहार है - हरिगीतिका छंद
मेरी प्रथम हरिगीतिका पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें| सरस्वती वंदना—हरिगीतिका छंद [read more]
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आया वसंत
आया वसंत [read more]
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आया वसंत
आया वसंत [read more]
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काशी में
गांधी और गांधीवाद- 95 [read more]
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बनारस की एक सुबह बेहया यादों के नाम
कुछ यादें सचमुच कितनी बेहया होती हैं कि जितनी बार भी उनसे पीछा छुडाओ वे बार बार गले आ  पड़ती हैं.अब भला ये कोई बात हुयी बनारस की अल्लसुबह रामनाम जपने के बजाय बेहूदी बेशर्म यादें सर चढ़ के बोलने लगीं ...अभी अभी फेसबुक पर अपनी यह व्यथा दर्ज कर उनसे पीछा छुड़ाना चाहा मगर वे हैं कि जाने का नाम नहीं ले रहीं तो सोचा उन्हें ब्लॉग कर दूं तो शायद ब्लाक ... [read more]
हमारे यहां भरतपुर से अधिक पक्षी आते हैं
इस चिट्ठी में, मथुरा में स्थित, इंडियन आयल रिफ़ाइनरी की चर्चा है। [read more]
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अन्ना को नहीं दिखाई गई 'छन्नो​​'...खुशदीप
​बुधवार को पोस्ट लिखी थी...अन्ना, चमाटा और वीना मलिक...​ ​​ ​मंगलवार को अन्ना ने रालेगण सिद्धि में फिल्म गली गली चोर है देखने के बाद मीडिया से बात करते हुए चमाटे वाला बयान दिया था...मुझे ये जानने की बड़ी उत्सुकता थी कि जब अन्ना गांव के सौ लोगों के साथ ये फिल्म देख रहे होंगे तो वीना मलिक का आइटम नंबर आने पर वहां क्या हुआ होगा...मैंने बुधवार की ... [read more]
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देशभक्ति कटघरे में, देश हाशिये पर
देश की चौंसठ साल की आजादी और उसके बाद से विकास का घूमता पहिया। दोनों मिलकर सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांप्रदायिक व्यवस्था में जो परिवर्तन लाया है, वह सही मायनों में विचित्र सा है । देश आज जिस हालात से गुजर रहा है उसकी कल्पना मात्र से रोंगटे खड़े हो जाते हैं तो दूसरी तरफ देश में बढ़ रही ऊंची-ऊंची इमारतों की श्रृंखला, सड़कों पर तेज भागती जिंदगी क ... [read more]
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घोटालों पर घोटाले हैं,
घोटालों पर घोटाले हैं, देखो इन साँपों को देखो, कैसी ये केंचुल डाले हैं. बने केंचुए टहल रहे हैं, सब को साबुत निगल रहें हैं, चेहरे पर चेहरा चिपकाए, प्रेम भरा विष उगल रहे हैं, उजले इन चेहरों के पीछे, दिल कितने काले काले हैं, घोटालों पर घोटाले हैं, देखो ये फिर आये हैं, वादे-दावे लाये हैं, झोली में इनकी अब देखो सपने नए निराले हैं, घोटा ... [read more]
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असीम ख़ामोशी....
जो साथ तेरा था, वो ही कारवां मेरा था... जो सपने तेरे थे... वो ही लक्ष्य मेरा था... जो दोस्त तेरे थे...वो ही साथी मेरे थे... जो सांसे तेरी थी...वो धड़कने मेरी थी... जो गम तेरे थे... वो आंसू मेरे थे.. जो हंसी तेरी थी...वो खुशियाँ मेरी थी... जहाँ मिस कॉल तेरी थी...वहाँ १ घंटे की कॉल मेरी थी वक़्त बदला न कारवां ही रहा न साथ ही बचा.. न सपने ... [read more]
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आज दिल बड़ा कुटुर-कुटुर कर रहा है !!
मैं भूत बोल रहा हूँ..........!! [read more]
बाराबंकी विधान सभा २६८ में मतदाता खामोश ,प्रत्याशी व समर्थक हलकान
बाराबंकी विधान सभा २६८ में बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी वर्तमान विधायक संग्राम सिंह वर्मा - राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश शासन के पक्ष में बनता माहौल , समाजवादी पार्टी के धर्म राज यादव उर्फ़ सुरेश यादव , कांग्रेस के छोटे लाल यादव , पीस पार्टी के अजय वर्मा , भाजपा के संतोष सिंह,निर्दलिए मुकेश सिंह मुख्य मुकाबले में आने के लिए रात दिन किये है ए ... [read more]
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मात-पिता के चरणों में
मात-पिता के चरणों में ही बसते तीरथ-धाम, मात-पिता के चरण की माटी सौ चन्दन समान । [read more]
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नहीं मैं तुम्हारे पास नहीं आ रहा हॅूं
नहीं मैं तुम्हारे पास नहीं आ रहा हॅूं इश्क किया था मैंने पर अब में इश्क का गीत नहीं गा रहा हॅं कलम तोड़ तोड़ कर लिखा मेंने तुम्हारे लिए पर मैं खुद अपने लिए नहीं लिख पा रहा हॅं नहीं मैं तुम्हारे पास नहीं आ रहा हॅूं इश्क की शायद गली ही अलग है और अब मैं किसी गली में नहीं जा रहा हॅूं नहीं मैं इश्क का गीत नहीं गा रहा हॅूं देख लूँगा किसी चैरा ... [read more]
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मिली हमें हार करारी
जारी  एडीलेड  में , प्रदर्शन  शर्मनाक  । हुआ कलंकित देश है, शोहरत हुई खाक ।। शोहरत हुई खाक , हौंसले हुए पराजित ।  चार शून्य की हार, लगे है अब तो निश्चित ।। जब भी गए विदेश , मिली हमें हार करारी  कब बदली तस्वीर, यही क्रम शुरू से जारी ।। [read more]
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अन्‍धेरनगरी चौपट राजा नाटकस्‍य प्रदर्शनम् - Andher Nagari Chaupat Raja - Comedy Drama
       श्रीमती सत्‍यवतीदेवी महाविद्यालये 26 जनवरी इति अवसरे अस्‍य नाटकस्‍य मंचनं कृतम् ।  अतिप्राचीनं नाटकमस्ति एतत् ।  पश्‍यन्‍तु मोदयन्‍तु च । [read more]
Fwd: [VISHWA JAGRITI MISSION] Wall Photos
---------- Forwarded message ---------- From: Ramesh Kumar Kumawat [read more]
"ज़िन्दग़ी में बड़े झमेले हैं" ( डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")
घर हमारे बने तबेले हैं ज़िन्दग़ी में बड़े झमेले हैं [read more]
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नेता जी सुभाष चन्द्र बोसस्य जन्मदिवसस्य हर्दिकी शुभ कामनाः
सुभाषचन्‍द्रबोसः [read more]
साजन ये मत जानियो की तोरे बिछरत मोहे चैन
महान क़व्वाल मरहूम मुंशी रज़ीउद्दीन अहमद खान (१९१२-२००३) भारतीय उपमहाद्वीप के बड़े क्लासिकल गवैयों में शुमार किए जाते थे. उनका ताल्लुक़ क़व्वाली के सबसे बड़े घराने यानी दिल्ली के क़व्वाल बच्चा घराने से रहा. उनके ख़ानदान को शाही संरक्षण हैदराबाद के निजाम के दरबार से मिलता आ रहा था. निजाम के पतन के बाद वे पाकिस्तान चले आये. यहाँ उन्होंने अपने भाई ... [read more]
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बेटी
बेटी अजन्मी सोच रही  क्यूँ  उदास माँ दिखती है  जब  भी कुछ जानना चाहूँ  यूँ  ही टाल देती है| रह ना पाई कुलबुलाई  समय देख प्रश्न  दागा  क्या  तुम मुझे नहीं चाहतीं  मेरे  आने में है दोष क्या  क्यूँ  खुश दिखाई नहीं देतीं ?  माँ  धीमे से मुस्कुराई  पर  उदासी न छिपा पाई  बेटी  तू यह नहीं जानती  सब  की चाहत है बेटा  जब  तेरा आगमन होगा  स ... [read more]
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बस अभी अभी....
मेरी धड़कन ज़रा बढ़ी है अभी या रुकी ज़िन्दगी चली है अभी [read more]
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एक अद्भुत इंसान, जो दिखता था हाथी जैसा
जन्म से ही शारीरिक विकृतियों के शिकार जोसेफ मेरिक(1862-1890) को ब्रिटेन में एलीफैंट मेन के नाम से जाना जाता था। उसका शरीर इतना विकृत था कि कमोबेश वह हाथी जैसा दिखता था। वह लेट नहीं पाता था और उसे बैठे-बैठे सोना पड़ता था। लंदन हॉस्पीटल में जब उसका पहला प्रदर्शन किया गया तब वह लंदन में बहुत मशहूर हो गया। [read more]
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गूगल ने यूजर्स को भेजा फरमान!
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मेरी कविता में जाग्रत लोगों के दुःख हैं - राकेश रोहित
कविता मेरी कविता में जाग्रत लोगों के दुःख हैं - राकेश रोहित मेरी कविता में जाग्रत लोगों के दुःख हैं.मैं कल छोड़ नहीं आया,मेरे सपनों के तार वहीं से जुड़ते हैं. मैं सुबह की वह पहली धूप हूँ -जो छूती हैगहरी नींद के बाद थके मन को.मैं आत्मा के दरवाजे परआधी रात की दस्तक हूँ. जो दौड कर निकल गएडराता है उनका उन्मादकोई आएगा अँधेरे से चलकरबीतती नहीं इसी ... [read more]
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गणतन्त्र दिवस की हार्दिक बधाई
गणतन्त्र दिवस की हार्दिक बधाई सूरतगढ़ में आयोजित कार्यकर्म  की फोटो  [read more]
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SANDEEP PANWAR संदीप पवाँर (जाट देवता) की पसंद के चुटकुले-jocks, गुदगुदी मनोरंजन
                                  अगर किसी ने सारे पढ लिये तो देखना उसकी आँखे ऐसी तो नहीं हो गयी है। एक आम सूचना- सभी हंस गुल्ले मैंने किसी न किसी के ब्लॉग के लिये है जिन्हे मैं कई महीनों से एकत्र कर रहा था, मैंने एक भी नहीं लिखा है।पढ़े और जमकर हँसे...........                                                    (मैं तो ब्लॉगिंग छोड रहा था अब ... [read more]
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आध्यात्मिक जागरण
आरती सदगुरु देव नमामी । पारबृह्म सब जग के स्वामी । विधि हरि हर तुम्हरो यश गावे । शेष शारदा तुमको ध्यावे । राम कृष्ण गुरु के गुण गावे । जय शिवानन्द परधामी । भव के संकट तारन हारे । काल कर्म गति नाशन हारे । आये शरण तुम्हारे द्वारे । अलख अगोचर अगम अनामी । श्री गुरु चरण कमल की छाया । जाकी शरण जीव जो आया । करते दूर ताप त्रिय माया । करो दया गुरु ... [read more]
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अमृता प्रीतम की कहानी में व्यक्त रेगिस्तान माननीय उच्च न्यायालय के दरवाजे तक
महानगरीय संस्कृति में सुविधाभोगी समाज में पनपते जायज नाजायज रिश्तों की अंतःकथा व्यक्त करता यह वाकया मुझे अमृता प्रीतम की उस कहानी ‘ब्रहस्पतिवार का दिन’ की याद दिला गया जिसमें अमृता ने तथाकथित समाज से यह सवाल किया था कि किसी औरत की पाकीजगीं का ताल्लुक उसके शरीर से ही क्यों लिया जाता है। अमृता जी ने अपनी इस कहानी में अपने बच्चे मन्नू को घर पर अके ... [read more]
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गणतंत्र दिवस कि हार्दिक शुभकामनाएं...
मैं इसका हनुमान हूँ, यह देश मेरा राम है ! छाती चीर के देख लो, अंदर बैठा हिन्दुस्तान है !! !! जय हिंद !! [read more]
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१९. इंसान 
१९. इंसान  [read more]
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गणतंत्र दिवस
हम सबको अपने देश का गणतंत्र दिवस मुबारक हो। यह एक ऐसी भावना है जिसे बोलने से ज़्यादा महसूस किया जाना चाहिए। लेकिन अफसोस ! आज के तेज़ चाल जमाने में हमें सोचने कि फुरसत कम है, हम बस बोल के काम चला लेते हैं। अगर समस्या केवल फुरसत कि कमी की होती तो भी गनीमत थी, असली समस्या तो यह है कि हम अब इन मुद्दों में छिपी भावनाओं को महसूस करने से कतराने लगे है ... [read more]
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मुंडन
नामकरण, निष्क्रमण, अन्नप्राशन , फिर चूड़ाकर्म या मुंडन सोलह सावन , सोलह श्रृंगार   सोलह संस्कार  अगर हुआ है आपका गर्भाधान  जीवन का अभ्युत्थान   उसके बाद ही शुरू होगा   विद्यारम्भ जब कटेंगे केश प्रारब्ध   और गुरुकुल का दीक्षांत समारोह यानि  केशान्त और उसके बाद आपके जीवन भर मुंडने की बारी  किजीये  विवाह की तैय्यारी  हे श्रेष्ठी !! ... [read more]
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टीम अन्‍ना का वार- नेताओं को क्‍यों नहीं आती शर्म
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कैसे बना, सहेजा गया और किन इम्तिहानों से गुजरा हमारा गणतंत्र
हम, भारत के लोग..... 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने से हम बने गणतंत्र। जिन्होंने संविधान बनाया, उनकी सोच स्पष्ट थी- देश यानी हम, भारत के लोग इसके जरिए आगे बढ़ें। इसके लिए संविधान में संशोधन भी किए गए। कई बार परीक्षा की घड़ी से गुजरे और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसलों से इसे सहेजा.. और आज पूरे 62 बरस का हो गया हमारा गणतंत्र ... [read more]
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ब्रिटिश संसद में हुई कांग्रेस, भारत सरकार की निंदा
लंदन.ब्रिटिश सांसद ने भारत के अंदरूनी मामलों में दखल देते हुए सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी की आलोचना की है। हाउस ऑफ कॉमंस में दिए गए भाषण में लेबर पार्टी के ब्रेंट उत्तरी सीट से सांसद बैरी गार्डिनर ने न सिर्फ भारत के अंदरूनी मामलों का जिक्र किया है बल्कि भारतीय दूतावास को भी 'दिशाहीन' करार देते हुए इसके कामकाज की आलोचना की है। [read more]
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आसमान में पत्थर रोज़ उछाला करते हैं
गूगल चित्र खोज इंजन से , साभार [read more]
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नए तिब्बत की कविता - 3
तेनजिन त्सुंदे की कविताओं की सीरीज जारी है - [read more]
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मल्लिका जी, क्यों उदास हैं!
मल्लिका जी, क्यों उदास हैं, पुरुस्कार न मिलने का गम या अन्य कारण खास हैं, आपने अपनी प्रोफाइल क्यों छुपाई है, पहले की ही है या अभी अभी बनाई है, यूं तो आपका नाम ही पारदर्शिता का सिनोनिमस है, लेकिन यूं छुपकर आप खुद क्यों अनोनिमस हैं जरा सामने तो आईये रुख से पर्दा तो हटाईये यह माना कि पुरुस्कार न मिल पाने से आपको कष्ट हुआ होगा कोई बन्दा खु ... [read more]
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जैसी निगाहें वैसा शमाँ
जैसी निगाहें वैसा शमाँ, निगाहों के अनुरुप बदलता जहाँ, गमगीन होके देखो तो दुनिया उदासीन, प्यार से देखो तो सबकुछ खुशनुमा । [read more]
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हम सौभाग्यशाली हैं
हम सौभाग्यशाली हैं पाई हमने आजादी की हवा मुफ्त में पाया हमने गणतंत्र मुफ्त में हम सौभाग्यशाली मुफ्तख़ोर हैं। इसीलिए आज पाया है हमने गनतंत्र मुफ्त में। वे जिन्होंने चुकाए थे दाम आज उनसे हमारा क्या काम? वे आँसू क्यों बहाते हैं? वे क्या नहीं देखते? हम कितने बिजी हैं अरे दो दिन तो उनके नाम पर फूल चढ़ाते हैं। क्या सारा समय हम उनके ही सप ... [read more]
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हम सौभाग्यशाली हैं
हम सौभाग्यशाली हैं पाई हमने आजादी की हवा मुफ्त में पाया हमने गणतंत्र मुफ्त में हम सौभाग्यशाली मुफ्तख़ोर हैं। इसीलिए आज पाया है हमने गनतंत्र मुफ्त में। वे जिन्होंने चुकाए थे दाम आज उनसे हमारा क्या काम? वे आँसू क्यों बहाते हैं? वे क्या नहीं देखते? हम कितने बिजी हैं अरे दो दिन तो उनके नाम पर फूल चढ़ाते हैं। क्या सारा समय हम उनके ही सप ... [read more]
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फिर कैसे अश्रुपूरित नेत्रों से स्वयं का दोहन करूँ?
नहीं हूँ मैं देशभक्त क्या करूँ देशभक्त बनकर जब रोज नए घोटाले करने हैं जब रोज जनता को  लूटना खसोटना है जब रोज भ्रष्टाचार के  नए नए मार्ग खोजने हैं जब रोज सच का गला घोंटना है जब रोज गणतंत्र के नाम पर सब्जबाग दिखाना है चेहरे पर एक नया चेहरा लगाना है झूठ के आईने में  सच को दिखाना है हर पल एक झूठ के साथ जीना है तो क्या करूँ मैं देशभक्त ... [read more]
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गणतंत्र दिवस
आये झंडा फहराए खाए मिठाई और चल दिए घर द्वार कि दो चार बाते किये और चल दिए गणतंत्र खड़ा किनारे अपनी बेबसी पर रो रहा औचित्य अपना पूछता फिर रहा कहता रहा कि दिल के अरमा आंसुओं में बह गए सफ़र किया था जहा से शुरू फिर वही पहुँच गए [read more]
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गणतंत्र दिवस
आये झंडा फहराए खाए मिठाई और चल दिए घर द्वार कि दो चार बाते किये और चल दिए गणतंत्र खड़ा किनारे अपनी बेबसी पर रो रहा औचित्य अपना पूछता फिर रहा कहता रहा कि दिल के अरमा आंसुओं में बह गए सफ़र किया था जहा से शुरू फिर वही पहुँच गए [read more]
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" बेबस तकिया ..."
कितनी बेबस, ये तकिया, सपनो की मौत,  होते देखती रोज़, पर उसके बस में, कुछ भी नहीं । कुछ सुकून पाती तो है,  [read more]
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मैनपुरी मैन पवन कुमार
प्रिय मित्रो [read more]
आज का जीवन सूत्र-२६-१-२०१२ ...
आज का जीवन सूत्र-२६-१-२०१२  To SEE MORE POSTINGS(AAJ KA VICHAR) VISIT BLOGS  [read more]
आज का विचार - 26/1/12
---------- Forwarded message ---------- From: Praveen Verma [read more]
तोहफ़े
• मदन शर्मा संजीव और मैं, एक ही सरकारी संस्थान में नौकरी करते थे। हमारे बीच मित्रता का भाव था। जब भी समय या अवसर मिलता, हम इधर-उधर की दिलचस्प बातें करके, अपना और पास बैठे लोगों का दिल बहलाया करते। संजीव, कुछ अर्सा पहले, सरकारी नौकरी छोड़, किस्मत आज़मार्इ के लिये किसी प्राइवेट फ़र्म में जा लगा था। सुना है, वह आजकल दिल्ली में रह कर कारों के कारो ... [read more]
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राबर्टो जुअर्रोज़ : हर चीज भाग रही है अपनी मौजूदगी की तरफ
राबर्टो जुअर्रोज़ की 'सिक्स्थ वर्टिकल पोएट्री' से एक कविता... [read more]
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बूढा होता प्रजातंत्र
बूढा होता प्रजातंत्र ----------------------   पेंसठ साल का प्रजातंत्र और बासठ  का  गणतंत्र दोनों की ही उमर सठिया गयी है और सहारे के लिए,हाथों में,लाठियां आ गयी है मगर कुछ नेताओं ने, सत्ता को बना लिया अपनी बपौती है इसलिए लाठी,जो सहारे के लिए होती है उसका उपयोग,हथियारों की तरह करवाने लगे है और विरोधियों पर लाठियां भंजवाने लगे है विद्रो ... [read more]
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बूढा होता प्रजातंत्र
बूढा होता प्रजातंत्र ----------------------   पेंसठ साल का प्रजातंत्र और बासठ  का  गणतंत्र दोनों की ही उमर सठिया गयी है और सहारे के लिए,हाथों में,लाठियां आ गयी है मगर कुछ नेताओं ने, सत्ता को बना लिया अपनी बपौती है इसलिए लाठी,जो सहारे के लिए होती है उसका उपयोग,हथियारों की तरह करवाने लगे है और विरोधियों पर लाठियां भंजवाने लगे है विद्रो ... [read more]
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मात शारदे
मात  शारदे मुझे प्यार दे वीणा वादिनी, नव बहार दे मन वीणा को झंकृत करदे हंस वाहिनी एसा वर दे सत पथ अमृत मन में भर दे बुद्धि दायिनी नव विचार दे मात शारदे ज्ञान सुधा की घूँट पिलादे सुप्त भाव का , जलज खिलादे गयी चेतना, फिर से ला दे दाग मग नैया लगा पार दे मात शारदे भटक रहा मै दर दर ओ माँ नव प्रकाश दे तम हर ओ माँ नव ले दे तू ... [read more]
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मात शारदे
मात  शारदे मुझे प्यार दे वीणा वादिनी, नव बहार दे मन वीणा को झंकृत करदे हंस वाहिनी एसा वर दे सत पथ अमृत मन में भर दे बुद्धि दायिनी नव विचार दे मात शारदे ज्ञान सुधा की घूँट पिलादे सुप्त भाव का , जलज खिलादे गयी चेतना, फिर से ला दे दाग मग नैया लगा पार दे मात शारदे भटक रहा मै दर दर ओ माँ नव प्रकाश दे तम हर ओ माँ नव ले दे तू ... [read more]
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चुनाव में ईमानदारी ... ना बाबा ना
उत्तर प्रदेश के चुनावी सफर पर निकला तो कुछ उत्साहित था, मुझे लग रहा था कि ईमानदारी को लेकर अन्ना ने इतनी तो जागरुकता फैला ही दी होगी कि गांव गांव में लोग ईमानदारी की बात करते होंगे और चुनाव में इस बार दागी उम्मीदवारों से दूरी बनाकर ईमानदार और साफ सुथरी छवि वाले उम्मीदवार के साथ खड़े होंगे। सच बताऊं मेरा सोचना गलत था, चुनावों में कुछ भी नहीं बदल ... [read more]
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रुश्दी घटिया और दोयम दर्जे के लेखक: काटजू
सलमान रश्दी [read more]
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गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें
आइये हम सभी गणतंत्र के इस जश्न में शामिल हों और भारत को एक समृद्ध राष्ट्र बनायें. गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें !! जय हिंद !! जय भारत !! [read more]
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बूढ़ा मेरा कंत हो गया
मन बसंत था कल तक जो अब संत हो गया अभिलाषा, इच्छाओ का बस अंत हो गया जब से मेरी प्राण प्रिया ने करी ठिठोली राम करू क्या बूढ़ा मेरा कंत हो गया [read more]
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बूढ़ा मेरा कंत हो गया
मन बसंत था कल तक जो अब संत हो गया अभिलाषा, इच्छाओ का बस अंत हो गया जब से मेरी प्राण प्रिया ने करी ठिठोली राम करू क्या बूढ़ा मेरा कंत हो गया [read more]
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निरंतर महाभारत
हर एक में कहीं भीतर ही होता है कृष्ण और होता है एक निरंतर महाभारत भीतर ही भीतर, क्यों ढूढते है हम सारथी जब स्वयं में है कृष्ण, मैं तुम और हम में बटा ये चक्रव्यूह तोड़ता है भीतर का ही अर्जुन, माटी है और सिर्फ माटी है हर रोज यहां देखता हुं मैं तुम और हम का कुरुक्षेत्र !! [read more]
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निरंतर महाभारत
हर एक में कहीं भीतर ही होता है कृष्ण और होता है एक निरंतर महाभारत भीतर ही भीतर, क्यों ढूढते है हम सारथी जब स्वयं में है कृष्ण, मैं तुम और हम में बटा ये चक्रव्यूह तोड़ता है भीतर का ही अर्जुन, माटी है और सिर्फ माटी है हर रोज यहां देखता हुं मैं तुम और हम का कुरुक्षेत्र !! [read more]
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मुबारक हो गणतंत्र दिवस ....
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नए तिब्बत की कविता - २
सत्तर की दहाई के शुरुआती सालों में मनाली के नज़दीक भारत की सरहदों पर बन रही सडकों पर मज़दूरी कर रहे एक गरीब तिब्बती शरणार्थी परिवार में जन्मे तेनजिन की तीन पुस्तकें छाप चुकी हैं. इनमें दो कविता-संग्रह हैं और एक उनके लेखों का संग्रह. अपना पहला कविता संग्रह छपने के लिए उन्होंने अपने सहपाठियों से पैसे उधार मांगे थे - तब वे बम्बई में अंग्रेजी साहित ... [read more]
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आप सबसे एक बार फिर कहना है कि-
याँ पे तो बिन बुलाये चले आइए जनाब! खुश होइए भी और खुशी लुटाइए जनाब!! [read more]
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नेता सब चोर ..नेता सब निकम्मे है यही हमारे इस लोकतंत्र की हार है ...
आज पुरे देश में गणतन्त्र का जश्न बनाने की रस्म निभायी जा रही है कल इसी देश में मतदाता दिवस मनाया गया था यहाँ कहने को तो रोज़ किसी न किसी रूप में कोई न कोई त्यौहार कोई न कोई दिवस मनाया जाता है लेकिन देश के दो बढ़े पर्व एक तो स्वतन्त्रता और दूसरा आज का गणतन्त्र महत्वपूर्ण अविस्मरनीय और गोर्व्शाली दिन है ..इन समारोह के चलते देश के लोकतंत्र के रक्ष ... [read more]
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होमाई की नजर से कुछ यूं थी पहली गणतंत्र परेड
26 जनवरी 1950 को पहला गणतंत्र दिवस इर्विन स्टेडियम (आज का नेशनल स्टेडियम) में मनाया गया था। तब इसकी चहारदीवारी नहीं बनी थी। पृष्ठभूमि में पुराना किला नजर आता था। [read more]
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अजमेर की दरगाह शरीफ दीदार गरीब नवाज की मजार का
- श्रुति अग्रवाल दरगाह अजमेर शरीफ...एक ऐसा पाक-शफ्फाक नाम है जिसे सुनने मात्र से ही रूहानी सुकून मिलता है। अजमेर शरीफ में हजरत ख्वाजा मोईनुद्‍दीन चिश्ती रहमतुल्ला अलैह की मजार की जियारत कर दरूर-ओ-फातेहा पढ़ने की चाहत हर ख्वाजा के चाहने वाले की होती है, लेकिन हर कोई उनके द्वार पर दस्तक नहीं दे पाता ऐसे सभी श्रद्धालुओं के लिए धर्मयात्रा में ... [read more]
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कामदेव का देवकार्य के लिए जाना और भस्म होना
दोहा : [read more]
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आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 68
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कुरान का संदेश
www.akhtarkhanakela.com [read more]
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अटेंशन – एक व्यंग्य कथा !!!
 कुछ दिन पहले तक मेरी हालात बहुत खराब थी . मुझे कहीं से कोई भी अटेंशन नहीं मिल रही थी  . हर कोई मुझे बस टेंशन दे कर चला जाता था, जैसे मैं रास्ते का भिखारी  हूँ और हर कोई मुझे भीख में टेंशन  दे जाता था, मैं बहुत दुखी था , अटेंशन पाने के लिए मैंने अलग अलग रास्ते अपनाने शुरू कर दिए . [read more]
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आन-बान से लहराता
तीन रंगों का प्यारा झण्डा राष्ट्रीय ध्वज है कहलाता केसरिया, सफेद और हरा आन-बान से यह लहराता [read more]
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प्यारा सा गणतंत्र हमारा
प्यारा-प्यारा देश हमारा. सारे जग से है ये न्यारा. [read more]
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रिपब्लिक डे की शुभकामनाएँ
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कलेंडर गर्ल्स उदास बेचारी - शैफ़ाली पाण्डे
इनका शुभ नाम है शैफ़ाली पाण्डे । और Industry है Education और इनका Occupation है Teaching और शैफ़ाली जी की Location है - हल्द्वानी उत्तराखंड India शैफ़ाली जी अपने Introduction में कहती हैं - मैं अंग्रेज़ी अर्थशास्त्र एवं शिक्षा शास्त्र ( एम. एड ) विषयों से स्नातकोत्तर हूँ । लेकिन मेरे प्राण हिंदी में बसते हैं । उत्तराखंड के ग्रामीण अंचल के एक स ... [read more]
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जूते का नाजायज संबंध
चुनाव चिन्‍ह ‘जूता’ जिसने भी इस सूचना को पढ़ा, पहले तो वह चौंका। फिर जोर जोर से भौंका, उसके भौंकने का आशय यही निकला कि इस चुनाव चिन्‍ह को लेने का तो उसकी पार्टी का अधिकार है, उसने इतिहास बतलाया कि सबसे पहले उसकी पार्टी के कद्दावर नेता ने जूता खाया था और कद नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया था। इस तरह के अनेक दावे वह सभी पार्टियां कर रही थीं, जिन्‍होंने ज ... [read more]
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!! गणतंत्र !!
************************************************ साठ वर्षों से ज्यादा उम्र वाले 'गणतंत्र' में आज भी 'रोटी-कपड़ा-मकान' की बात चिंताजनक और थोड़ी हास्यास्पद लग सकती है,लेकिन वास्तविकता यही है ! लग-भाग १२० करोड़ की आबादी में से मुट्ठी भर,तथाकथित 'गणमान्य' लोग आज 'संपन्न' है,और देश के 'तंत्र' पर कब्ज़ा किये हुए हैं,जबकि एक बड़ा तबका आज भी गाँवों स ... [read more]
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फिजूलखर्ची की 26 जनवरी
बतलाना होगा कि क्‍या सरकार उसे उनके घर से उन्‍हें बुलाने के लिए गई थी कि आप आकर परेड के दर्शन कीजिए। झांकियों का लुत्‍फ लीजिए। किसने कहा है कि इतनी कड़ाके की ठंड में न तो खुद चैन से रहें और न सुरक्षा में लगी हुई टीमों को चैन से रहने दें। नेपथ्‍य में गीत बज रहा है ‘परदे में रहने दो, परदा न हटाओ, परदा जो हट गया तो भेद खुल जाएगा’। जबकि इन परदों के ... [read more]
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गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें
सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें ...... जय हिंद  [read more]
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भावनात्मक लगाव या अलगाव ...!
नार्वे में भारतीय मूल के अभिभावकों से उनके बच्चे इसलिए ले लिए गए क्योंकि बच्चों को अपने हाथों से खाना खिलाना और अपने साथ सुलाना , इस देश में बच्चों की उचित देखभाल न होने का मामला है । सात महीने तक अपने माता-पिता से अलग रहने के बाद खबर है कि अब दोनों बच्चों को उनके चाचा को सौंपा जायेगा ।  [read more]
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अन्ना के दौर में धर्मेंद्र के 'सत्यप्रिय' की याद...खुशदीप​
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अपने हाथों यूँ न करो र्निवस्त्र मुझे..........
कुछ दिनों से व्यस्तता की वजह से ब्लॉग से दूर हूँ जिसकी वजह से आपलोगों की रचनाओं को नहीं पढ़ पा रहा हूँ. आप लोगों के पास अपनी एक पुरानी रचना छोड़े जा रहा हूँ. इसे मैंने अगस्त महीने में ब्लॉग पर डाला था. जैसे ही समय मिलता है आप लोगो के पास वापस आ जाऊंगा. तब तक के लिए आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें. [read more]
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नैन मुस्काएं
मेरे क्यूँ नैन बहते हैं कोई तो आकर ये पूछो तड़प कैसी जगी इनमे कोई उठा कर तो पूछो [read more]
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एनआरएचएम घोटाला अभी और लेगा बलि !
मंगल यादव, दिल्ली 2-जी स्पेक्ट्रम, आदर्श सोसाइटी और खेल घोटाले के बाद के अब यूपी में 10 हजार करोड़ रुपये का राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन घोटाला एक बार फिर रोंगटे खडा कर दिया है। देश में हो रहे घोटाला दर घोटाला ने साबित कर दिया है कि सरकार चाहे किसी भी पार्टी की हो जनता का पैसा राजनेता और सीनियर अधिकारी मिलकर लूटेगे ही।उत्तर प्रदेश में मामल ... [read more]
अंतरात्मा!!!!!
नेताओं की अंतरात्मा केवल चुनाओं के समय ही क्रियाशील क्यों होती है ,ये बात बिलकुल गले नहीं उतरती .कहीं नेताओं की अंतरात्मा 'हाथी के दांत खाने के और दिखाने  केऔर'की तर्ज़ पर तो नहीं होती!!!!!!!!!  [read more]
..,तमाम शोरगुल में एक सिरा जो बीच-बीच में छूट या खो जाता है ,,,, तब ''मिलारेपा ''के शब्दों से बनती कविताओं में उसे ढूँढना दुधिया रौशनी में भी मुश्किल होगा ....
कुछ चीजों तक हम बार-बार पहुँचते हें कब कैसे और ये भी नहीं जानते कि वो हमारी खुशियों भरी  नियति क्यों बनती जाती है ..और हमेशा उन खुशियों का अकेलापन ---एक बनी बनाई चौखट से आर-पार आता-लेजाता रहता है चकित करता सा,शामे ढलती हें सुबहें होती हें दिल-दिमाग पर जमा सोच कि परतें उतरती हें कुछ तो ऐसी कि  ताउम्र नहीं उतरे तमाम कोशिशों के बाद भी  और कुछ...ते ... [read more]
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ईश्वर और गीध
ईश्वर और गीधबहुत पहले जब कायदा कानून नही था , गीध बहुत ताक़त वर पक्षी था, और इनसानी बच्चों को खा जाया करता था . वे हमेशा अकेले खेल रहे बच्चों की ताक मे रहता और मौका पाते ही उन्हे उठा ले जाता था . एक गाँव मे लोग गीध के इस कृत्य से परेशान हो गए थे. अतः उन्हो ने ईश्वर के पास शिकायत लगाई. प्रभु इस गीध का कुछ करो वर्ना यह तो हमारी संतति को आगे बढ़ने ह ... [read more]
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हैप्पी रिपुब्लिक डे : मेरा भारत महान !
the second war for independece : आजादी कि दूसरी लड़ाई, घर में , गद्दारों से , अपने से            आजादी की दूसरी लड़ाई के लिए तैयार हो !या ये काम अन्ना जैसों को सौप दिया है !   happy re-public day will be celebrated, when india will be   free   from   corruption. पर हम क्या कर सकते हैं ? बच्चे पालें या सारकार का विरोध करके ,  सलाखों के पीछे ... [read more]
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
एक क़ता हाज़िर है- [read more]
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छेड़ दो अब नव तराने.......गीत....डा श्याम गुप्त....
                    ....कर्म की बाती, ज्ञान का घृत हो, प्रीति के दीप जलाओ...          [read more]
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अंदाज ए मेरा: बकरी की हांक से पद्मश्री के धाक तक.....
अंदाज ए मेरा: बकरी की हांक से पद्मश्री के धाक तक.....: अपने गांव सुकुलदैहान में बकरी चराती फुलवासन ‘’एक छोटा सा गांव। गांव के कोने में एक खपरैल वाला छोटा सा मकान। इस मकान में एक परिवार। परिव... [read more]
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अविभाज्य भारत की पुकार
धधकते घाव बंजर जमीन के, शर्मों हया का पानी नदारद है, मैं देख सोच जलता हूँ, जर्रा जर्रा पिघलता हूँ, मत होना विस्मित उस दिन, जो दूर नहीं, जब दुनिया का सिरमौर बना, मैं हँसता हूँ। [read more]
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स्वतः नहीं जन्मी...
स्वतः नहीं जन्मी... [read more]
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एक अगीत....गणतन्त्र दिवस पर...डा श्याम गुप्त .....
<!--[if gte mso 9]> Normal 0 false false false EN-US X-NONE X-NONE <![endif]--><!--[if gte mso 9]> [read more]
आज धरती तक पहुंचेगी सूरज की आंधी
वाशिंगटन. सूरज पर चल रही आंधी का असर धरती तक पहुंचने का अंदेशा है। वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि इससे पैदा हुई लपटें बुधवार को पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकरा सकती हैं। इससे विमानों की आवाजाही, बिजली और उपग्रह सेवा प्रभावित होने के आसार हैं। [read more]
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हम तो मजबूर हैं साहब .. आप तो मजबूत हो..
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मेरा मन अब श्वेत है ...सब रंग लिए ...!!
षडज  का स्वर ... [read more]
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In the name of sovereignty: APDP
This release comes from the ASSOCIATION OF PARENTS OF DISAPPEARED PERSONS, the Bund, Amira Kadal, Srinagar – 190001, Jammu and Kashmir Press Statement, 25th January 2012: On 17th October 2011, Association of Parents of Disappeared Persons (APDP) submitted an application for information under Right to Information Act 2009 to the office of the Pu ... [read more]
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क्यों रूठते हो यार मेरे ...
 क्यों हमसे रूठते हो, बात नहीं इतनी बड़ी ? दोस्ती और प्यार मै, तकरार क्यों इतनी बड़ी ? [read more]
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खून से सने इस गणतन्त्र को बचा लो यारों
आज २६ जनवरी यानी गणतन्त्र यानी जनता दिवस लोकतंत्र दिवस है ...दोस्तों इस दिन के लियें वेसे तो आप सभी भाइयों और बहनों को बधाई ..हम और आप क्या ,सारा देश और सारा देश ही क्या, सारा विश्व जानता है के भारत के दो राष्ट्रीय पर्व पन्द्राह अगस्त और छब्बीस जनवरी है जो गोरव दिवस के रूप में मनाये जाते है ..दोस्तों पहले गणतन्त्रऔर आज के गणतन्त्र में ज़मीं आसमा ... [read more]
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काटजू ने रुश्दी के प्रशंसकों की आलोचना की, कहा कि समस्या यह है कि आज भारत के शिक्षित लोग औपनिवेशिक हीनभावना से ग्रस्त हैं
रुश्दी घटिया और दोयम दर्जे के लेखक: काटजू [read more]
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आओ मिलकर हम मनाएं गणतंत्र का दिन
आओ मिलकर  हम मनाएं गणतंत्र का  दिन   [read more]
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें..एक ब्लॉग सबका
गणतंत्र दिवस हर वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है, 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ!  बस तभी से देश गणतंत्र हुआ और उसी उपलक्ष मे गणतंत्र दिवस हर वर्ष मनाया जाता है! [read more]
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** मेरी फरियादी चिट्ठी **
       समस्त  देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बहुत -२ बधाईयाँ और शुभ -कामनाएं                                                          - जय हिंद -  [read more]
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देश मेरा जान मेरी
हुए थे सूरमा कई , जो खेले थे जान पर  उनके ही प्रताप से , ये देश स्वतंत्र है   । न हो तानाशाह कोई , जनता का राज रहे  दे संविधान बनाया , इसे गणतन्त्र है   । अधूरे  रहे  सपने , जनता  लाचार  हुई  न रहा ईमान कहीं , भ्रष्ट सारा तन्त्र है   । बचे नहीं भ्रष्ट कोई , हो न यहाँ कष्ट कोई  देश मेरा जान मेरी , यही एक मन्त्र है । [read more]
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"आओ तिरंगा फहरायें" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")
गणतन्त्रदिवस की शुभवेला में, आओ तिरंगा फहरायें। देशभक्ति के गीत प्रेम से, आओ मिल-जुलकर गायें।। [read more]
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संस्कृत से उर्दू, उर्दू से फ़ारसी और जाने कहाँ कहाँ
फ़रीद अयाज़ और अबू मोहम्मद क़व्वाल की एक और लाइव रेकॉर्डिंग आपके लिए पेश करता हूँ. बेहतरीन चीज़ है. अवश्य सुनें. [read more]
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गणतन्त्र दिवस की शुभकामनायें !
गणतन्त्र दिवस की शुभकामनायें ! [read more]
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आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 67
  [read more]
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एहसास तेरा
ढुँढती है नजरें तुझे हर दिन और हर रात, आईने में नजरें अब तो तुझे तलाशती है । [read more]
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कविता : प्रेम
प्रेम, अपने को व्यक्तकरने केलिए केवल सौन्दर्यकोही नही खोजता वह किसी भी रूप में तलाश लेता है स्वयं को अभिव्यक्तकरने कारास्ता [read more]
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INDIA FLAG - SHORT HISTORY & MEANING OF TRICOLOUR IN INDIAN FLAG
INDIA FLAG - SHORT HISTORY & MEANING OF TRICOLOUR IN INDIAN FLAG [read more]
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ज़रा सोचिये
लोकतंत्र - कितना सफल [read more]
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नेचुरल तरीका: दस मिनट में हाइब्लडप्रेशर और टेंशन हो दूर
| [read more]
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तस्वीर जो बोलती है : दो झंडे दो संविधान
आज की तस्वीर : " जिस बात को देश की मिडिया छुपा रही है वही बात की साफ़ साफ़ तस्वीर आप को देखने मिलेगी ये ब्लॉग में ..वो सत्य जिसे मिडिया ने छुपाया ..वो सत्य जिसे सरकार ने भी छुपाया ,सत्य बात दिखाने की जगह मिडिया भी जब दिखाती है गलत तस्वीर तब देश में फैलता है भ्रष्टाचार ..." [read more]
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Thodi Si Achhayi Se Tu Sadiyon Jaanaa Jaayega
Thodi si achhayi se tu sadiyon jaanaa jaayega Andhon mein gar kaanaa hai tu raajaa maanaa jaayegaa [read more]
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परिचय क्या पूछते हो ? डा. जे पी तिवारी
इनका शुभ नाम है Dr.J.P.Tiwari डा. जे पी तिवारी । और इनकी Industry है Government और इनकी Location है Lucknow  Ballia Uttar Pradesh  India और श्री तिवारी जी हैं ये - M A ( Hindi Philosophy ) Ph D ( Philosophy ) Former Senior Research Fellow Ministry of Tourism & Culture Govt. of India Believe in Simplicity Morality and Faith in Indology तिवारी जी ... [read more]
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डायरी का दूसरा पन्ना
यह कैसी खामोशी ! [read more]
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मेरी टिप्पणी : हुआ यह वोटर भारू ||
बेसुरम  [read more]
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सिपाही की डायरी से ( अनुवादित अंश )
       मै सोचता हूँ , जब भी मौक़ा मिलता है ,तेरे खयालो में गुम रहना ही अच्छा लगता है | ये आदत पहले नहीं थी ,पता नहीं आजकल क्यों पड़ गयी है | सोचता हूँ ,डोली स्कूल से आ गयी होगी ,उसे अपने प्रोजेक्ट के लिए सामान जुटाने में तुम्हे एक दूकान से दूसरी दूकान तक चक्कर लगाने पड़ रहे होंगे | तुम्हारी कार भी अब बुढी होने लगी है | मैंने तुम्हे बहुत बार समझाया ... [read more]
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नव वसन्त आया
सखी री नव वसन्त आया ! [read more]
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Fwd: [Vishwa Jagriti Mission ( World Awakening Mission)] P.P. Sadgurudev ji ke amrit vachan
---------- Forwarded message ---------- From: Naveen Vig [read more]
२६ जनवरी - गणतंत्र दिवस
ओढ़े त्रय रंगी चुनरी, छब्बीस जनवरी आयी. पूरे भारत ने मिलकर गणतंत्र की खुशी मनायी. [read more]
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दे सकोगे जबाब???? संध्या शर्मा
वक़्त कल तुमसे हिसाब मांगेगा सुलगते सवालों का जवाब मांगेगा [read more]
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तुमको देखा था..
देखा मैंने बहुत देखा खूब देखा हाथ की घड़ी बूढ़े का बिवाय देखा चिलकती धूप में गाता बंजारा आवारा, गुमनाम सितारा देखा तीन शहर चार नदियां देखी जलते जंगलों के पीछे दहकता आसमां तिलिस्मी रात काली, तनी दोनाली देखी गूंगों का गांव मरने के दावं देखे आह की औकात उफ्फ की जात देखा क्या क्या कि आंखें दुख गईं तुमको देखा, हां, देखा था, अगर मगर सचमुच क ... [read more]
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HAPPY REPUBLIC DAY !
we live-love ''india'' so we are ''indian'', india like an earthly heaven. ******************************* [read more]
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इसमें नर्क 84 और प्रेतयोनि का कोई कालम ही नहीं है
क्या आप जानते हैं । जब भी कोई सच्चा सन्त आपसे आत्मा की आत्मज्ञान की बात करता है । तो यकायक आप चौंक से उठते हैं । झंकृत हो उठते हैं । कुछ भूला सा । कुछ खोया सा याद आता है । कोई हूक सी अन्दर उठती है । और आप बैचेन से होकर सब कुछ जानने को उतावले हो उठते हैं । लेकिन ये सब एक क्षणिक टंकार के समान ध्वनि आपके अन्दर होकर रह जाती है । और फ़िर आप - यों ? ... [read more]
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नए तिब्बत की कविता - १
आज से आप को तिब्बत के युवा विद्रोही कवि तेनजिन त्सुंदे की कुछ कविताओं से परिचित करने जा रहा हूँ. २००१ का पहला आउटलुक-पिकाडोर नौन-फिक्शन अवार्ड पाने वाले तेनजिन ने मद्रास से स्नातक की डिग्री लेने के बाद तमाम जोखिम उठाते हुए पैदल हिमालयी दर्रे पार किए और अपनी मातृभूमि तिब्बत का हाल अपनी आँखों से देखा. चीन की सीमा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर तीन ... [read more]
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आत्मानुभव का उपदेश
श्री मद् आदि शंकराचार्य द्वारा रचित विवेक – चूड़ामणि [read more]
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एक सूफियाना कलाम
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नवजात बच्चे भी दे सकेंगे वोट..!
दुनिया भर में चल रही मुहिम ने असर दिखाया तो आने वाले समय में नवजात शिशुओं को भी मतदान का अधिकार मिल सकता है.यदि ऐसा हुआ तो माँ-बाप की गोद में चढ़ने वाले बच्चे भी अपने अभिभावकों की तरह सज-धजकर वोट डालते नज़र आयेंगे.वैसे भारत में भी नवजात तो नहीं परन्तु 16 साल के किशोरों को मतदान का अधिकार मिल सकता है.दरअसल खुद निर्वाचन आयोग भी 16 साल तक के किशोरों ... [read more]
नवजात बच्चे भी दे सकेंगे वोट..!
दुनिया भर में चल रही मुहिम ने असर दिखाया तो आने वाले समय में नवजात शिशुओं को भी मतदान का अधिकार मिल सकता है.यदि ऐसा हुआ तो माँ-बाप की गोद में चढ़ने वाले बच्चे भी अपने अभिभावकों की तरह सज-धजकर वोट डालते नज़र आयेंगे.वैसे भारत में भी नवजात तो नहीं परन्तु 16 साल के किशोरों को मतदान का अधिकार मिल सकता है. दरअसल खुद निर्वाचन आयोग भी 16 साल तक के किशोर ... [read more]
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ज़िन्दगी..
कुछ ज़िन्दगी का साथ मैंने यूं निभाया .. [read more]
हिसाब बराबर .
कुछ आंसू छुपाके रखे थे मैंने.. [read more]
The process is the bloody punishment
Sec. 153A of the Indian Penal Code – that favored child of the religious right- provides for punishment of upto three years imprisonment for the promotion by words (spoken or written) of disharmony, feelings of enmity, hatred or ill will between religious communities. The punishment laid down in this section has to one of the [...] [read more]
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आजान गूँजें मस्जिदों में, मंदिरों में घंटियाँ
चित्र गूगल से साभार नटखट कन्हैया जा रहे हैं, धर्म से अनजान हैं| बैठे सकीना गोद में वे,  मंद  सी  मुस्कान   है|| [read more]
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अनायास ही उमड़ आतीं हैं क्यूँ - कुछ स्मृतियाँ
दोस्तों  [read more]
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prerna ki kalpanayen: फेस-बुक क्या है ?
prerna ki kalpanayen: फेस-बुक क्या है ?: फेस-बुक क्या है ? आइये मैं आपको फेस-बुक क्या है ,के बारे में कुछ जानकारी देती हूँ /फेस-बुक में सबसे पहले आपको google or yahoo ... [read more]
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prerna ki kalpanayen: फेस-बुक क्या है ?
prerna ki kalpanayen: फेस-बुक क्या है ?: फेस-बुक क्या है ? आइये मैं आपको फेस-बुक क्या है ,के बारे में कुछ जानकारी देती हूँ /फेस-बुक में सबसे पहले आपको google or yahoo ... [read more]
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आज का जीवन सूत्र-२५-१-२०१२ ...
आज का जीवन सूत्र-२५-१-२०१२  To SEE MORE POSTINGS(AAJ KA VICHAR) VISIT BLOGS  [read more]
: आज का विचार -25/1/12
---------- Forwarded message ---------- From: Praveen Verma [read more]
जिंदगी
यह ज़िन्दगी की शाम अजब सा सोच है कभी है होश कभी खामोश है | कभी थे स्वाद के चटकारे चमकती आँखों के नज़ारे पर सब खो गये गुम हो गये खामोश फ़िजाओं में हम खो गये | कभी था केनवास रंगीन जो अब बेरंग है मधुर गीतों का स्वर बना अब शोर है पर विचार श्रंखला मे ना कोई रोक है और ना गति अवरोध है | हाथों में था जो दम अब वे कमजोर है चलना हुआ दुभर ... [read more]
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जिंदगी
यह ज़िन्दगी की शाम अजब सा सोच है कभी है होश कभी खामोश है | कभी थे स्वाद के चटकारे चमकती आँखों के नज़ारे पर सब खो गये गुम हो गये खामोश फ़िजाओं में हम खो गये | कभी था केनवास रंगीन जो अब बेरंग है मधुर गीतों का स्वर बना अब शोर है पर विचार श्रंखला मे ना कोई रोक है और ना गति अवरोध है | हाथों में था जो दम अब वे कमजोर है चलना हुआ दुभर ... [read more]
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राष्ट्रीय मतदाता दिवस की बधाई!
यह शुरुआत पिछले वर्ष से हुई. २५ जनवरी ,२०११  को पहला राष्ट्रीय  मतदाता दिवस मनाया गया था .दरअसल २५ जनवरी १९५० को भारत निर्वाचन आयोग का गठन हुआ था और इस लिहाज से यह  शुभ दिन लोकतंत्र के इस  अधिष्ठान का स्थापना दिवस भी है . और विगत वर्ष को यही तिथि मतदाताओं के नाम कर दी गयी ...उन्हें लोकतंत्र के प्रति उनके दायित्वों को याद दिलाने और खुद उनके महत् ... [read more]
गणतंत्र दिवस- हाइगा में
मनता रहे  गणतंत्र दिवस चिर शाश्वत| [read more]
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स्वर प्रीत के
गीत  गायें की मधु रस  बरसने  लगे, [read more]
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मैं गया था अपने गांव
पिछले दिनों कई बातें ऐसी हुईं जिसने आज इस कविता को इस ब्लॉग पर पोस्ट करने को प्रेरित किया। “मनोज” ब्लॉग पर श्यामनारायण मिश्र जी का एक नवगीत ऐसा ही बचा हुआ गाँव है पोस्ट किया गया था। इस पर आदरणीय राजेश उत्साही जी की टिप्पणी आई - [read more]
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रहिमन वे नर मर चुके...
स्मृति शिखर से... 4: [read more]
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तेरी आंखों के सिवा..
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अन्ना, चमाटा और वीना मलिक...खुशदीप​
 रालेगण सिद्धि में मंगलवार रात को निर्देशक रुमी जाफरी की नई फिल्म गली गली चोर है की अन्ना हज़ारे के लिए खास तौर पर स्क्रीनिंग की गई...भ्रष्टाचार पर बनी इस कामेडी फिल्म को गांव वालों के साथ देखने के बाद अन्ना हज़ारे ने मीडिया से भी बात की... [read more]
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Some Questions for the Maharashtra ATS Chief: JTSA
This release comes from the JAMIA TEACHERS’ SOLIDARITY ASSOCIATION The Maharashtra ATS claims to have cracked the 13/7 blasts case. Its chief has revealed in a press conference that Indian Mujahideen was behind the Mumbai blasts. And yet, the Ministry of Home Affairs remains far from impressed—indeed, it appears rather irritated. And the press, ... [read more]
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पहला प्यार
 पहला प्यार पहला प्यार होता है ।  [read more]
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खामोश जिंदगी
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राष्ट्रीय मतदाता दिवस
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर आप सभी से ये निवेदन है कि अपने वोट के अधिकार का प्रयोग करें .हम सौभाग्यशाली हैं जो हमें ये अधिकार मिला है .विशेष रूप से भारत की महिलाएं .विश्व के अनेक देशों में आज भी महिलाओं को वोट करने का अधिकार नहीं है .इस लिए सजग होकर इस अधिकार का प्रयोग करें - [read more]
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रश्दी- विवाद और शत्रुओं के पक्ष में बार-बार खड़ी भारत की पुलिस
अभिनव कुमार मेरे अन्तरंग मित्र हैं. खूब पढ़ते-लिखते हैं और अपनी बेबाकी के लिए खासे विख्यात. फिलहाल देहरादून में डी आई जी के पद पर हैं. [read more]
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शबनमी ये रात
बड़ी ही शबनमी-सी है ये रात, क्यों न मचले हृदय के जज्बात, आशा में देवी निद्रा से हसीन मुलाकात, आँखों ही आँखों में ज्यों हो जाए बात । [read more]
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हिन्दी कवि-सम्मेलनों में अब कविता चोरों का बोलबाला कुछ ज़्यादा ही बढ़ गया है
एक समय था जब हिन्दी कवि-सम्मेलनों में प्रस्तुति देने वाले सभी कवियों की  [read more]
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`sCxr pv Yt p¤!
`sCxr pv Yt p¤! [read more]
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खेती-बाड़ी
गीत
गीत मेरे ........
गुरुकृपा हि केवलम् !
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गोलू गाए, बुलबुल नाचे
ग्रामीण मित्र ................. गाँव का प्रहरी , लक्ष्मी नारायण लहरे
चलते -चलते...
चिंतन मेरे मन का
चिट्ठा चर्चा
चैतन्य का कोना
छींटें और बौछारें
जरा इधर भी
ज़ख्म…जो फूलों ने दिये
ज़िन्दगी…एक खामोश सफ़र
जाट देवता का सफ़र
जाती ना पूछो साधु की
जिन्दगी के रंग
जीवन की किताब और दर्द के पन्ने !
जुगाली
जोग लिखी संजय पटेल की
ज्ञान दर्पण
ज्ञानवाणी
जज़्बात جذبات Jazbaat
जज़्बात: अपना जिस्म लहुलुहान रखते हैं .....
झंझट के झटके
झरोख़ा
डाकिया डाक लाया
डॉ. चन्द्रकुमार जैन
तत्वमसि
ताऊ डाट इन
ताना-बाना
तिमिर-रश्मि
तीज-तेवार (डॉ. मोनिका शर्मा ) teej-tewar(Dr. Monika Sharma)
तीसरा खंबा
तुम्हारे लिये.......
दखलंदाज़ी
दादा का चश्मा..दादी का संदूक
दिनेश की दिल्लगी, दिल की सगी
दिल की कलम से
दिल की बात
दिल की बातें
दिल से दिल की बात
दिल, दुनिया और ज़िन्दगी
दिव्यसाधना super power of god
दुनाली
दुनिया रंग रंगीली
देशनामा
देस परदेस / ਦੇਸ- ਪ੍ਰਦੇਸ
धनंजय कहिन
नई क़लम - उभरते हस्ताक्षर
नई बात
नजरिया
नदी डूब गयी: यही कम नहीं है
नन्ही कोपल
नन्हे सुमन
नारी बेबसी मेरे मन की उलझन
नारी शक्ति - शाश्वत शक्ति
नीम-निम्बौरी
नीरज
नीरज-हृदय
नीरव
नुक्कड़
नेता जी क्या कहते हैं ?
पढ़ते-पढ़ते
परमात्मा/ OH MY GOD/WHERE ARE YOU
परवाज़....शब्दों के पंख PARWAZ......shabdon ke pankh
परिकल्पना
पहलू
पाखी की दुनिया
पागलखाना PAAGAL-KHAANAA
पूरबिया
प्यारी माँ
प्रांजल-प्राची
प्राइमरी का मास्टर
प्रार्थना
प्रियंकाभिलाषी..
प्रेम रस
प्रेरक विचार
फतेहपुर Fatehpur
फिर दरिया हूँ!
फिलहाल
फुर्सत के पल..
बच्चों का कोना
बतंगड़ BATANGAD
बस यूं ही
बस्तर समाचार
बातें...
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बृज चित्र दर्शन
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मन पखेरू फ़िर उड़ चला
मन पाए विश्राम जहाँ
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माही....
मीमांषा meemaansha
मुक्त सत्य
मुक्तिबोध
मुझे शिकायत हे. Mujhe Sikayaat Hay.
मुबारकबाद
मुसाफ़िर
मेरा पक्ष
मेरा ब्लॉग मेरे विचार
मेरी आवाज़ सुनो...!
मेरी कलम से
मेरी कल्पनायें...
मेरी कविता
मेरी छोटी सी दुनिया
मेरी दुनिया मेरे सपने
मेरी बातें
मेरी शायरी
मेरी शायरी..
मेरी शेखावाटी
मेरे दिल की बात
मेरे एहसास -भाव
मेरे गीत !
मेरे जज्बात
मेरे मन की
मेरे मन की उलझन
मेरे सपने
मो सम कौन कुटिल खल कामी ?
मोहल्‍ला
मौन के खाली घर में... ओम आर्य
यादें सदा के लिए
यादें...
यायावर
युवा-मन
ये भारत है मेरे दोस्त ................
योगी भारत
रंगे-ज़िन्दगी: बज़्मे-शायरी
रजनी मल्होत्रा नैय्यर
रजनीश का ब्लॉग
रद्दी की टोकरी
रसभरी कवितायें । कहानियां । sweet poem and love story
रास्‍ते की धूल
रिजेक्ट माल
रुनझुन
लम्हों का सफ़र
लिखो यहां वहां
लेखनी की प्रभा से गुंजन करते कुछ गीत हैं
वातायन
विचार
वृक्षारोपण : एक कदम प्रकृति की ओर
शकुन्तला प्रेस ऑफ़ इंडिया प्रकाशन
शब्द और अर्थ
शब्द-सृजन की ओर...
शब्दचित्र
शब्दों का उजाला
शब्दों का दंगल
शस्वरं
शिखा दीपक
श्याम स्मृति..The world of my thoughts...डा श्याम गुप्त का चिट्ठा..
श्रद्धा सुमन
श्री राम चरित मानस
श्रीमद्‍ भगवद्‍ गीता
संकलन
संतमत great saint of india
संवाद
संवेदना संसार
संस्कृति सरोकार
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सच्चा दोस्त
सच्चा शरणम्
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❀अर्पित ‘सुमन’❀