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Jan 27, 2012
| Author: SANSKRIT JAGAT
| Source: SANSKRITJAGAT
26 जनवरी 1950 इति अस्मिन् दिवसे एव अस्माकं भारतस्य गणतन्त्रं पूर्णरूपेण क्रियान्वितम् अभवत् । गणतन्त्रस्य पूर्णक्रियान्वयनं इत्यस्यार्थ: पूर्णस्वतन्त्रता । तत: पूर्वं स्वतन्त्रताया: उद्घोषणा तु आसीत् किन्तु शासनकार्यस्य चालका: अस्माकं भारतीया: न अपितु वैदेशिका: एव आसन् । केवलं नाम आसीत् अस्माकं स्वतन्त्रताया: । अस्माकं स ...
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Jan 27, 2012
| Author: उच्चारण
| Source: उच्चारण
दिल हमारा अब दिवाना हो गया है।
फिर शुरू मिलना-मिलाना हो गया है।।
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Jan 27, 2012
| Author: NEELKAMAL VAISHNAW
| Source: madhur mitra
आइये कुछ झलकियां तो देख लीजिए मित्र मेरे ब्लाग में बसंत पंचमी की...
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Jan 27, 2012
| Author: Prem Prakash
| Source: पूरबिया
ब्रह्मांड का रहस्य जटिल तो है पर अबूझ नहीं। इस रहस्यमयता का भेदन रोमांटिक तो हो सकता है पर डरावना कतई नहीं। इसलिए यह मानने का भी कतई कोई कारण नहीं है कि इस सृष्टि का स्रष्टा ईश्वर है। स्टीफन विलियम हॉकिंग जब यह कहते हैं तो उनकी वैज्ञानिक दृष्टि की सूक्ष्मता और उपलब्धि देखकर कोई भी कायल हो जाए। ब्राह्मांड की रचना को समझने और इसके रहस्य को आ ...
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Jan 27, 2012
| Author: Kailash Sharma
| Source: Kashish - My Poetry
(१)
पीले हैं खेत
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Jan 27, 2012
| Author: Anand Dwivedi
| Source: जीवन की किताब और दर्द के पन्ने !
जुस्तजू सी उभर गयी फिर से
शाम भी कुछ निखर गयी फिर से
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Jan 27, 2012
| Author: ravish kumar
| Source: कस्बा qasba
भोर होने में कुछ घंटे बाक़ी रहे होंगे। दरवाज़े के सांकल को चुपचाप लगाकर निकल गया था। गांधी मैदान की तरफ पैदल ही। फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने का जुनून टीवी और मल्टीप्लेक्स के आने के पहले सिनेमा संस्कृति का हिस्सा रहा है। टिकट खिड़की पर कतार में खड़ी भीड़ के कंधे के ऊपर से चलते हुए काउंटर तक पहुंच जाने वाले भले ही लफंगे कहे जाएं मगर उनका यह करतब मु ...
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Jan 27, 2012
| Author: vinaybihari singh
| Source: divya prakash
विनय बिहारी सिंह
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Jan 27, 2012
| Author: Dr. shyam gupta
| Source: उत्तरप्रदेश ब्लॉगर्स असोसिएसन
प्रेम -- किसी एक तुला द्वारा नहीं तौला जा सकता, किसी एक नियम द्वारा नियमित नहीं किया जा सकता; वह एक विहंगम भाव है | प्रस्तुत है-- अष्टम सुमनान्जलि--सहोदर व सख्य-प्रेम ...इस खंड में ...अनुज, अग्रज, भाई-बहन, मेरा भैया, सखा , दोस्त-दुश्मन एवं दाम्पत्य ...आदि सात रचनाएँ प्रस्तुत की जायेंगी ---प्रस्तुत है ... पंचम रचना ...सखा .... ...
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Jan 27, 2012
| Author: रविकर
| Source: नीम-निम्बौरी
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Jan 27, 2012
| Author: Ashok Pande
| Source: कबाड़खाना
अड़तीस साल के तेनजिन त्सुंदे कहते हैं - "मानवीय कथाओं में हमेशा एक सार्वभौमिक अनुगूंज होती है. मैं मानता हूँ कि जहां मेरा दिल में अपने परिवार के साथ अपने घर में रह सकने के एक सपने की टीस होगी, यह नैसर्गिक होगा कि हर कोई उस दर्द को पहचान लेगा, चाहे मेरा पाठक एक चीनी ही क्यों न हो."
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Jan 27, 2012
| Author: Ravishankar Shrivastava
| Source: छींटें और बौछारें
वाटरफ़ॉक्स को खास तेज गति की ब्राउजिंग / इंटरनेट सर्फिंग के लिए ही बनाया गया है.
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Jan 27, 2012
| Author: खरी-खरी
| Source: खरी-खरी
(चित्र में भक्तों को रोकती हुई महिला पुलिस कांस्टेबल)
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Jan 27, 2012
| Author: वन्दना
| Source: एक प्रयास
जब कंस ने वत्सासुर का वध सुना
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Jan 27, 2012
| Author: Minakshi Pant
| Source: दुनिया रंग रंगीली
हर बज्म में बैठे और खुदको साबित भी कर लिया |
फिर भी रही शिकायत की हमको कुछ नहीं मिला |
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Jan 27, 2012
| Author: SACCHAI
| Source: AAWAZ
" तस्वीर बेजुबान होते हुवे भी बोलती है ..आज की तस्वीर ये रही इस तस्वीर को मीडिया ने बखूबी छुपाया है और बहुत ही कम लोग इस बात को जानते है ...और इसी आदमी को सत्ता से दूर करने के लिए आज भी सरकार अपना सारा दम ...सारी ताकत लगा रही है |"
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Jan 27, 2012
| Author: RAJEEV BABA
| Source: सतगुरु श्री शिवानन्द जी महाराज.परमहँस
74 प्रश्न - महाराज जी ! कभी कभी भजन ध्यान का अभ्यास करते समय सिर और आंखों में दर्द होने लगता है । इसका क्या उपाय करें ?
उत्तर - ऐसे समय में यह अच्छा है कि धीरे धीरे अभ्यास को बढाना चाहिये । ऐसा करने से यदि दर्द सिर में या आंखों में होने लगे । तो कुछ देर के लिये अभ्यास बन्द करके आराम कर ले । घूम टहल ले । कुछ देर के विश्राम के बाद अभ्यास करे । व ...
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आज का जीवन सूत्र-२७-१-२०१२
आनंद पाने के लिए हम संसार में हैं ,आनंद ही हमको पाना है ,अपनी जिंदगी में आनंद लाओ ! इसके लिए माया के बंधन से दूर होना पडेगा !
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---------- Forwarded message ----------
From: Praveen Verma
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Jan 27, 2012
| Author: Vijay Kumar Sappatti
| Source: नुक्कड़
मित्रो
सुख और दुःख जीवन के अभिन्न अंग है , इनके साथ ही जीना है और इन्हें स्वीकारना ही जीवन में प्रसन्नता लाता है
आगे पढ़े
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Jan 27, 2012
| Author: रविकर
| Source: "कुछ कहना है"
काढ़ा गाढ़ा हो चला, बूढ़ा फिर भी त्रस्त ।
पैसठ सालों में शिथिल, बरबस परबस पस्त ।
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Jan 27, 2012
| Author: RAJEEV KULSHRESTHA
| Source: सत्यकीखोज/आत्मग्यान/ SEARCH OF TRUTH/KNOW YOUR SOUL
आदरणीय राजीव जी ! सादर सप्रेम नमस्कार । मेरे प्रश्नों के जवाब में आपने बहुत ही सारगर्भित जानकारियाँ दी । और मेरे ज्ञान में अभिवृद्धि की । इसके लिए अनेकानेक धन्यवाद प्रेषित करता हूँ । शुकदेव जी के प्रसंग में आपने बताया कि गर्भ से ही वे पूर्ण रूप से ज्ञान को प्राप्त किये हुए थे । लेकिन गुरु नहीं बनाने के कारण उन्हें स्वर्ग द्वार से लौटा दिया गया ...
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Jan 27, 2012
| Author: मनोज पटेल
| Source: पढ़ते-पढ़ते
पाब्लो नेरुदा की 'सवालों की किताब' से कुछ सवाल आप इस ब्लॉग पर पढ़ते रहे हैं. आस्ट्रेलियाई कवियत्री एम टी सी क्रोनिन ने 'नेरुदा के सवालों से बातचीत' की है. क्रोनिन का जन्म १९६३ में हुआ था. क्वीन्सलैंड में रहने वाली क्रोनिन पेशे से अधिवक्ता हैं. उनके कई कविता-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं.
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Jan 27, 2012
| Author: विशाल
| Source: दिल की कलम से
भाव के गर्भ से
जन्म लेते शब्द
ज़ेर से अटे
नग्न
करते हैं रुदन
पर होते हैं जीवंत
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Jan 27, 2012
| Author: Anita
| Source: मन पाए विश्राम जहाँ
आज नमन करते हैं तुझको
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Jan 27, 2012
| Author: Rajesh Kumawat
| Source: गुरुकृपा हि केवलम् !
एक बड़ा प्रसिध्द राज नेता था बंगाल में ….बड़ा जाना-माना था..धर्म परायण व्यक्ति था..अश्विनी दत्त बंगाल के प्रसिध्द राज नेता थे..उन के गुरु राज नारायण थे.
उस के गुरु को लकवा मार गया..3 महीने के बाद अश्विनी को पता चला…3 महीने से गुरु को लकवा मार गया, मुझे पता नही चला सोच कर विव्हल हो कर भागता भागता आया गुरु के पास…ज्यो ही गुरु के पास पहुँचा..प्रण ...
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Jan 27, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
विश्व के सबसे बढ़े लोकतंत्र भारत में इन दिनों भजपा के नेता लालकृष्ण अडवानी ने राजनीति और उम्र के आखरी पढाव में आकर जो समझा वोह यह है के देश में सभी को वोट डालने के लियें पाबंदी का कानून बनना चाहिए ..यह सही है के लाल कृष्ण आडवाणी को सत्ता से लेकर विरोध में रहने के कारण राजनीती के कटु और व्यवहारिक अनुभव है उन्होंने रूपये लेकर सांसदों को वोट डालत ...
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Jan 27, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
आयुर्वेद सदियों से भोजन या अन्न को जीवन के लिए श्रेष्ठ मानता रहा है और हमने यह सुना भी है कि निरोगी तन के लिए निरोगी अन्न भी जरूरी है- और यदि यह प्यार से बनाया,परोसा और खिलाया जाय तो क्या कहने, इसलिए हमने अक्सर घर के खाने में ये सभी गुण बताये गए हैं, अब वैज्ञानिकों की मानें तो यदि भोजन प्यार से बनाया और परोसकर खिलाया जाय, तो यह दर्द को भी ...
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Jan 27, 2012
| Author: ऋता शेखर मधु
| Source: हिन्दी-हाइगा
सरस्वती मयादृष्टवा वीणापुस्तकधारिणी
हंसरूढ़ा समायुक्ता विद्या दान करो मम||
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Jan 27, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
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Jan 27, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
आरा। देश का कोई वीर सपूत मेरी भी जमानत ले लो। कोई मुझे इस जंजीर से छुटकारा दिला दो। ये पुकार किसी मानव का नहीं यह बंधनों को काटने वाले भगवान हनुमान की हो सकती है, क्योंकि वे अपने मंदिर से निकल कर पुलिस थाने के हाजत में बंद हैं।
आरा शहर से 15 किलोमीटर उत्तर कृष्णगढ़ थाना क्षेत्र के गुंडी ग्राम में स्थित करीब दो सौ वर्ष पुराना श्री रंग जी क ...
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Jan 27, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
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Jan 27, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
कोटा.रावतभाटा रोड स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर में किसी अज्ञात भक्त ने 5 लाख का असली हीरा चढ़ाया है। मंदिर के ट्रस्टी विनोद जैन (सर्राफ) ने हीरे के असली होने की पुष्टि की है। जैन के अनुसार हीरे की जांच करवा ली गई है। उसकी बाजार में कीमत करीब पांच लाख रुपए है। भक्त के आग्रह पर मंदिर ट्रस्ट ने हीरे को बालाजी की ठुड्डी में जड़वा दिया है।
मंदिर ...
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Jan 27, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
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Jan 27, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
कश्मीर हम अपने पाठकों के लिए जम्मू-कश्मीर के इतिहास, विवाद, वहां के रीति रिवाज सब कुछ बताने का सीरिज चला रहे हैं। इसके तहत आज हम आपको शुद्ध आर्य रक्त का दुनिया का एक मात्र गांव का दावा करने वाले गांव की सैर कराते हैं ।
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Jan 27, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
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Jan 27, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
नई दिल्ली. भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने गुरुवार को गणतंत्र दिवस पर अनिवार्य मतदान की वकालत कर एक नई बहस छेड़ दी है। आडवाणी ने कहा कि देश में इस लक्ष्य को हासिल करना नामुमकिन नहीं है। उधर, सरकार और दूसरे दलों को आडवाणी का यह 'आइडिया' रास नहीं आया है।
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Jan 27, 2012
| Author: Ashok Pande
| Source: कबाड़खाना
तेनजिन त्सुंदे की कविताओं की सीरीज जारी है -
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Jan 27, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
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Jan 27, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
www.akhtarkhanakela.com
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Jan 27, 2012
| Author: ऋता शेखर मधु
| Source: मधुर गुंजन
मेरी प्रथम हरिगीतिका पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें|
सरस्वती वंदना—हरिगीतिका छंद
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Jan 27, 2012
| Author: Asha Saxena
| Source: *साहित्य प्रेमी संघ*
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Jan 27, 2012
| Author: Asha Saxena
| Source: *साहित्य प्रेमी संघ*
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Jan 27, 2012
| Author: मनोज कुमार
| Source: विचार
गांधी और गांधीवाद- 95
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Jan 27, 2012
| Author: Arvind Mishra
| Source: क्वचिदन्यतोअपि..........!
कुछ यादें सचमुच कितनी बेहया होती हैं कि जितनी बार भी उनसे पीछा छुडाओ वे बार बार गले आ पड़ती हैं.अब भला ये कोई बात हुयी बनारस की अल्लसुबह रामनाम जपने के बजाय बेहूदी बेशर्म यादें सर चढ़ के बोलने लगीं ...अभी अभी फेसबुक पर अपनी यह व्यथा दर्ज कर उनसे पीछा छुड़ाना चाहा मगर वे हैं कि जाने का नाम नहीं ले रहीं तो सोचा उन्हें ब्लॉग कर दूं तो शायद ब्लाक ...
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Jan 27, 2012
| Author: unmukt S
| Source: उन्मुक्त
इस चिट्ठी में, मथुरा में स्थित, इंडियन आयल रिफ़ाइनरी की चर्चा है।
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Jan 26, 2012
| Author: Khushdeep Sehgal
| Source: देशनामा
बुधवार को पोस्ट लिखी थी...अन्ना, चमाटा और वीना मलिक...
मंगलवार को अन्ना ने रालेगण सिद्धि में फिल्म गली गली चोर है देखने के बाद मीडिया से बात करते हुए चमाटे वाला बयान दिया था...मुझे ये जानने की बड़ी उत्सुकता थी कि जब अन्ना गांव के सौ लोगों के साथ ये फिल्म देख रहे होंगे तो वीना मलिक का आइटम नंबर आने पर वहां क्या हुआ होगा...मैंने बुधवार की ...
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Jan 26, 2012
| Author: Gangesh Kumar
| Source: ऐसा देश है मेरा...................।।।।।।।।।।
देश की चौंसठ साल की आजादी और उसके बाद से विकास का घूमता पहिया। दोनों मिलकर सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांप्रदायिक व्यवस्था में जो परिवर्तन लाया है, वह सही मायनों में विचित्र सा है । देश आज जिस हालात से गुजर रहा है उसकी कल्पना मात्र से रोंगटे खड़े हो जाते हैं तो दूसरी तरफ देश में बढ़ रही ऊंची-ऊंची इमारतों की श्रृंखला, सड़कों पर तेज भागती जिंदगी क ...
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Jan 26, 2012
| Author: भारतीय नागरिक - Indian Citizen
| Source: भारतीय नागरिक-Indian Citizen
घोटालों पर घोटाले हैं,
देखो इन साँपों को देखो,
कैसी ये केंचुल डाले हैं.
बने केंचुए टहल रहे हैं,
सब को साबुत निगल रहें हैं,
चेहरे पर चेहरा चिपकाए,
प्रेम भरा विष उगल रहे हैं,
उजले इन चेहरों के पीछे,
दिल कितने काले काले हैं,
घोटालों पर घोटाले हैं,
देखो ये फिर आये हैं,
वादे-दावे लाये हैं,
झोली में इनकी अब देखो
सपने नए निराले हैं,
घोटा ...
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Jan 26, 2012
| Author: Bimal Raturi
| Source: Feelings of bimal...
जो साथ तेरा था, वो ही कारवां मेरा था...
जो सपने तेरे थे... वो ही लक्ष्य मेरा था...
जो दोस्त तेरे थे...वो ही साथी मेरे थे...
जो सांसे तेरी थी...वो धड़कने मेरी थी...
जो गम तेरे थे... वो आंसू मेरे थे..
जो हंसी तेरी थी...वो खुशियाँ मेरी थी...
जहाँ मिस कॉल तेरी थी...वहाँ १ घंटे की कॉल मेरी थी
वक़्त बदला
न कारवां ही रहा न साथ ही बचा..
न सपने ...
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Jan 26, 2012
| Author: राजीव थेपड़ा ( भूतनाथ )
| Source: उत्तरप्रदेश ब्लॉगर्स असोसिएसन
मैं भूत बोल रहा हूँ..........!!
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Jan 26, 2012
| Author: अरविन्द विद्रोही
| Source: भारत भूमि
बाराबंकी विधान सभा २६८ में बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी वर्तमान विधायक संग्राम सिंह वर्मा - राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश शासन के पक्ष में बनता माहौल , समाजवादी पार्टी के धर्म राज यादव उर्फ़ सुरेश यादव , कांग्रेस के छोटे लाल यादव , पीस पार्टी के अजय वर्मा , भाजपा के संतोष सिंह,निर्दलिए मुकेश सिंह मुख्य मुकाबले में आने के लिए रात दिन किये है ए ...
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Jan 26, 2012
| Author: ईं.प्रदीप कुमार साहनी
| Source: मेरी कविता
मात-पिता के चरणों में ही बसते तीरथ-धाम,
मात-पिता के चरण की माटी सौ चन्दन समान ।
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Jan 26, 2012
| Author: devendra ojha
| Source: नुक्कड़
नहीं मैं तुम्हारे पास नहीं आ रहा हॅूं
इश्क किया था मैंने पर अब में इश्क का गीत नहीं गा रहा हॅं
कलम तोड़ तोड़ कर लिखा मेंने तुम्हारे लिए
पर मैं खुद अपने लिए नहीं लिख पा रहा हॅं
नहीं मैं तुम्हारे पास नहीं आ रहा हॅूं
इश्क की शायद गली ही अलग है
और अब मैं किसी गली में नहीं जा रहा हॅूं
नहीं मैं इश्क का गीत नहीं गा रहा हॅूं
देख लूँगा किसी चैरा ...
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Jan 26, 2012
| Author: दिलबाग विर्क
| Source: Square Cut
जारी एडीलेड में , प्रदर्शन शर्मनाक ।
हुआ कलंकित देश है, शोहरत हुई खाक ।।
शोहरत हुई खाक , हौंसले हुए पराजित ।
चार शून्य की हार, लगे है अब तो निश्चित ।।
जब भी गए विदेश , मिली हमें हार करारी
कब बदली तस्वीर, यही क्रम शुरू से जारी ।।
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Jan 26, 2012
| Author: SANSKRIT JAGAT
| Source: SANSKRITJAGAT
श्रीमती सत्यवतीदेवी महाविद्यालये 26 जनवरी इति अवसरे अस्य नाटकस्य मंचनं कृतम् । अतिप्राचीनं नाटकमस्ति एतत् । पश्यन्तु मोदयन्तु च ।
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---------- Forwarded message ----------
From: Ramesh Kumar Kumawat
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Jan 26, 2012
| Author: उच्चारण
| Source: उच्चारण
घर हमारे बने तबेले हैं
ज़िन्दग़ी में बड़े झमेले हैं
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Jan 26, 2012
| Author: SANSKRIT JAGAT
| Source: SANSKRITJAGAT
सुभाषचन्द्रबोसः
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Jan 26, 2012
| Author: Ashok Pande
| Source: कबाड़खाना
महान क़व्वाल मरहूम मुंशी रज़ीउद्दीन अहमद खान (१९१२-२००३) भारतीय उपमहाद्वीप के बड़े क्लासिकल गवैयों में शुमार किए जाते थे. उनका ताल्लुक़ क़व्वाली के सबसे बड़े घराने यानी दिल्ली के क़व्वाल बच्चा घराने से रहा. उनके ख़ानदान को शाही संरक्षण हैदराबाद के निजाम के दरबार से मिलता आ रहा था. निजाम के पतन के बाद वे पाकिस्तान चले आये. यहाँ उन्होंने अपने भाई ...
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Jan 26, 2012
| Author: Asha Saxena
| Source: Akanksha
बेटी अजन्मी सोच रही
क्यूँ उदास माँ दिखती है
जब भी कुछ जानना चाहूँ
यूँ ही टाल देती है|
रह ना पाई कुलबुलाई
समय देख प्रश्न दागा
क्या तुम मुझे नहीं चाहतीं
मेरे आने में है दोष क्या
क्यूँ खुश दिखाई नहीं देतीं ?
माँ धीमे से मुस्कुराई
पर उदासी न छिपा पाई
बेटी तू यह नहीं जानती
सब की चाहत है बेटा
जब तेरा आगमन होगा
स ...
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Jan 26, 2012
| Author: Mridula Harshvardhan
| Source: Naaz
मेरी धड़कन ज़रा बढ़ी है अभी
या रुकी ज़िन्दगी चली है अभी
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Jan 26, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
जन्म से ही शारीरिक विकृतियों के शिकार जोसेफ मेरिक(1862-1890) को ब्रिटेन में एलीफैंट मेन के नाम से जाना जाता था। उसका शरीर इतना विकृत था कि कमोबेश वह हाथी जैसा दिखता था। वह लेट नहीं पाता था और उसे बैठे-बैठे सोना पड़ता था। लंदन हॉस्पीटल में जब उसका पहला प्रदर्शन किया गया तब वह लंदन में बहुत मशहूर हो गया।
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Jan 26, 2012
| Author: Dr_JOGA SINGH KAIT "JOGI "
| Source: DR.JOGA SINGH KAIT JOGI
Last New Visitor
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Jan 26, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
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Jan 26, 2012
| Author: Hindi Sahitya
| Source: Aadhunik Hindi Sahitya / आधुनिक हिंदी साहित्य
कविता मेरी कविता में जाग्रत लोगों के दुःख हैं - राकेश रोहित
मेरी कविता में जाग्रत लोगों के दुःख हैं.मैं कल छोड़ नहीं आया,मेरे सपनों के तार वहीं से जुड़ते हैं.
मैं सुबह की वह पहली धूप हूँ -जो छूती हैगहरी नींद के बाद थके मन को.मैं आत्मा के दरवाजे परआधी रात की दस्तक हूँ.
जो दौड कर निकल गएडराता है उनका उन्मादकोई आएगा अँधेरे से चलकरबीतती नहीं इसी ...
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Jan 26, 2012
| Author: Dr_JOGA SINGH KAIT "JOGI "
| Source: DR.JOGA SINGH KAIT JOGI
गणतन्त्र दिवस की हार्दिक बधाई
सूरतगढ़ में आयोजित कार्यकर्म
की फोटो
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Jan 26, 2012
| Author: जाटदेवता संदीप पवाँर
| Source: जाट देवता का सफ़र
अगर किसी ने सारे पढ लिये तो देखना उसकी आँखे ऐसी तो नहीं हो गयी है।
एक आम सूचना- सभी हंस गुल्ले मैंने किसी न किसी के ब्लॉग के लिये है जिन्हे मैं कई महीनों से एकत्र कर रहा था, मैंने एक भी नहीं लिखा है।पढ़े और जमकर हँसे...........
(मैं तो ब्लॉगिंग छोड रहा था अब ...
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Jan 26, 2012
| Author: RAJEEV KULSHRESTHA
| Source: परमात्मा/ OH MY GOD/WHERE ARE YOU
आरती सदगुरु देव नमामी । पारबृह्म सब जग के स्वामी ।
विधि हरि हर तुम्हरो यश गावे । शेष शारदा तुमको ध्यावे ।
राम कृष्ण गुरु के गुण गावे । जय शिवानन्द परधामी ।
भव के संकट तारन हारे । काल कर्म गति नाशन हारे ।
आये शरण तुम्हारे द्वारे । अलख अगोचर अगम अनामी ।
श्री गुरु चरण कमल की छाया । जाकी शरण जीव जो आया ।
करते दूर ताप त्रिय माया । करो दया गुरु ...
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Jan 26, 2012
| Author: अशोक कुमार शुक्ला
| Source: कोलाहल से दूर
महानगरीय संस्कृति में सुविधाभोगी समाज में पनपते जायज नाजायज रिश्तों की अंतःकथा व्यक्त करता यह वाकया मुझे अमृता प्रीतम की उस कहानी ‘ब्रहस्पतिवार का दिन’ की याद दिला गया जिसमें अमृता ने तथाकथित समाज से यह सवाल किया था कि किसी औरत की पाकीजगीं का ताल्लुक उसके शरीर से ही क्यों लिया जाता है। अमृता जी ने अपनी इस कहानी में अपने बच्चे मन्नू को घर पर अके ...
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Jan 26, 2012
| Author: NEELKAMAL VAISHNAW
| Source: madhur mitra
मैं इसका हनुमान हूँ, यह देश मेरा राम है !
छाती चीर के देख लो, अंदर बैठा हिन्दुस्तान है !!
!! जय हिंद !!
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Jan 26, 2012
| Author: Onkar
| Source: kavitayen
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Jan 26, 2012
| Author: भारतेन्दु
| Source: अभिव्यक्त्ति
हम सबको अपने देश का गणतंत्र दिवस मुबारक हो। यह एक ऐसी भावना है जिसे बोलने से ज़्यादा महसूस किया जाना चाहिए। लेकिन अफसोस ! आज के तेज़ चाल जमाने में हमें सोचने कि फुरसत कम है, हम बस बोल के काम चला लेते हैं। अगर समस्या केवल फुरसत कि कमी की होती तो भी गनीमत थी, असली समस्या तो यह है कि हम अब इन मुद्दों में छिपी भावनाओं को महसूस करने से कतराने लगे है ...
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Jan 26, 2012
| Author: अतुल प्रकाश त्रिवेदी
| Source: शब्द और अर्थ
नामकरण, निष्क्रमण, अन्नप्राशन , फिर चूड़ाकर्म या
मुंडन
सोलह सावन , सोलह श्रृंगार
सोलह संस्कार
अगर हुआ है आपका गर्भाधान
जीवन का अभ्युत्थान
उसके बाद ही शुरू होगा
विद्यारम्भ
जब कटेंगे केश प्रारब्ध
और गुरुकुल का दीक्षांत समारोह यानि
केशान्त
और उसके बाद आपके जीवन भर मुंडने की बारी
किजीये
विवाह की तैय्यारी
हे श्रेष्ठी !!
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Jan 26, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
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Jan 26, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
हम, भारत के लोग.....
26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने से हम बने गणतंत्र। जिन्होंने संविधान बनाया, उनकी सोच स्पष्ट थी- देश यानी हम, भारत के लोग इसके जरिए आगे बढ़ें। इसके लिए संविधान में संशोधन भी किए गए। कई बार परीक्षा की घड़ी से गुजरे और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसलों से इसे सहेजा.. और आज पूरे 62 बरस का हो गया हमारा गणतंत्र ...
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Jan 26, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
लंदन.ब्रिटिश सांसद ने भारत के अंदरूनी मामलों में दखल देते हुए सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी की आलोचना की है। हाउस ऑफ कॉमंस में दिए गए भाषण में लेबर पार्टी के ब्रेंट उत्तरी सीट से सांसद बैरी गार्डिनर ने न सिर्फ भारत के अंदरूनी मामलों का जिक्र किया है बल्कि भारतीय दूतावास को भी 'दिशाहीन' करार देते हुए इसके कामकाज की आलोचना की है।
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Jan 26, 2012
| Author: अजय कुमार झा
| Source: रद्दी की टोकरी
गूगल चित्र खोज इंजन से , साभार
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Jan 26, 2012
| Author: Ashok Pande
| Source: कबाड़खाना
तेनजिन त्सुंदे की कविताओं की सीरीज जारी है -
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Jan 26, 2012
| Author: भारतीय नागरिक - Indian Citizen
| Source: भारतीय नागरिक-Indian Citizen
मल्लिका जी, क्यों उदास हैं,
पुरुस्कार न मिलने का गम या अन्य कारण खास हैं,
आपने अपनी प्रोफाइल क्यों छुपाई है,
पहले की ही है या अभी अभी बनाई है,
यूं तो आपका नाम ही पारदर्शिता का सिनोनिमस है,
लेकिन यूं छुपकर आप खुद क्यों अनोनिमस हैं
जरा सामने तो आईये
रुख से पर्दा तो हटाईये
यह माना कि पुरुस्कार न मिल पाने से आपको कष्ट हुआ होगा
कोई बन्दा खु ...
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Jan 26, 2012
| Author: ईं.प्रदीप कुमार साहनी
| Source: मेरी कविता
जैसी निगाहें वैसा शमाँ,
निगाहों के अनुरुप बदलता जहाँ,
गमगीन होके देखो तो दुनिया उदासीन,
प्यार से देखो तो सबकुछ खुशनुमा ।
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Jan 26, 2012
| Author: मो. कमरूद्दीन शेख
| Source: *साहित्य प्रेमी संघ*
हम सौभाग्यशाली हैं
पाई हमने आजादी की हवा मुफ्त में
पाया हमने गणतंत्र मुफ्त में
हम सौभाग्यशाली मुफ्तख़ोर हैं।
इसीलिए आज
पाया है हमने गनतंत्र मुफ्त में।
वे जिन्होंने चुकाए थे दाम
आज उनसे हमारा क्या काम?
वे आँसू क्यों बहाते हैं?
वे क्या नहीं देखते?
हम कितने बिजी हैं
अरे दो दिन तो
उनके नाम पर फूल चढ़ाते हैं।
क्या सारा समय हम
उनके ही सप ...
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Jan 26, 2012
| Author: मो. कमरूद्दीन शेख
| Source: *साहित्य प्रेमी संघ*
हम सौभाग्यशाली हैं
पाई हमने आजादी की हवा मुफ्त में
पाया हमने गणतंत्र मुफ्त में
हम सौभाग्यशाली मुफ्तख़ोर हैं।
इसीलिए आज
पाया है हमने गनतंत्र मुफ्त में।
वे जिन्होंने चुकाए थे दाम
आज उनसे हमारा क्या काम?
वे आँसू क्यों बहाते हैं?
वे क्या नहीं देखते?
हम कितने बिजी हैं
अरे दो दिन तो
उनके नाम पर फूल चढ़ाते हैं।
क्या सारा समय हम
उनके ही सप ...
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Jan 26, 2012
| Author: वन्दना
| Source: ज़िन्दगी…एक खामोश सफ़र
नहीं हूँ मैं देशभक्त
क्या करूँ देशभक्त बनकर
जब रोज नए घोटाले करने हैं
जब रोज जनता को
लूटना खसोटना है
जब रोज भ्रष्टाचार के
नए नए मार्ग खोजने हैं
जब रोज सच का गला घोंटना है
जब रोज गणतंत्र के नाम पर
सब्जबाग दिखाना है
चेहरे पर एक नया चेहरा लगाना है
झूठ के आईने में
सच को दिखाना है
हर पल एक झूठ के साथ जीना है
तो क्या करूँ मैं देशभक्त ...
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Jan 26, 2012
| Author: Nirmesh
| Source: युवा-मन
आये झंडा फहराए
खाए मिठाई और चल दिए
घर द्वार कि दो चार बाते किये और चल दिए
गणतंत्र खड़ा किनारे अपनी
बेबसी पर रो रहा
औचित्य अपना पूछता
फिर रहा
कहता रहा कि
दिल के अरमा आंसुओं में बह गए
सफ़र किया था जहा से शुरू
फिर वही पहुँच गए
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Jan 26, 2012
| Author: Nirmesh
| Source: नदी डूब गयी: यही कम नहीं है
आये झंडा फहराए
खाए मिठाई और चल दिए
घर द्वार कि दो चार बाते किये
और चल दिए
गणतंत्र खड़ा किनारे अपनी
बेबसी पर रो रहा
औचित्य अपना पूछता
फिर रहा
कहता रहा कि
दिल के अरमा
आंसुओं में बह गए
सफ़र किया था जहा से शुरू
फिर वही पहुँच गए
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Jan 26, 2012
| Author: अमित श्रीवास्तव
| Source: बस यूं ही
कितनी बेबस,
ये तकिया,
सपनो की मौत,
होते देखती रोज़,
पर उसके बस में,
कुछ भी नहीं ।
कुछ सुकून पाती तो है,
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Jan 26, 2012
| Author: सुमित प्रताप सिंह Sumit Pratap Singh
| Source: नुक्कड़
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आज का जीवन सूत्र-२६-१-२०१२
To SEE MORE POSTINGS(AAJ KA VICHAR) VISIT BLOGS
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---------- Forwarded message ----------
From: Praveen Verma
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Jan 26, 2012
| Author: विजय गौड़
| Source: लिखो यहां वहां
• मदन शर्मा
संजीव और मैं, एक ही सरकारी संस्थान में नौकरी करते थे। हमारे बीच मित्रता का भाव था। जब भी समय या अवसर मिलता, हम इधर-उधर की दिलचस्प बातें करके, अपना और पास बैठे लोगों का दिल बहलाया करते। संजीव, कुछ अर्सा पहले, सरकारी नौकरी छोड़, किस्मत आज़मार्इ के लिये किसी प्राइवेट फ़र्म में जा लगा था। सुना है, वह आजकल दिल्ली में रह कर कारों के कारो ...
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Jan 26, 2012
| Author: मनोज पटेल
| Source: पढ़ते-पढ़ते
राबर्टो जुअर्रोज़ की 'सिक्स्थ वर्टिकल पोएट्री' से एक कविता...
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Jan 26, 2012
| Author: Ghotoo
| Source: *साहित्य प्रेमी संघ*
बूढा होता प्रजातंत्र
----------------------
पेंसठ साल का प्रजातंत्र
और बासठ का गणतंत्र
दोनों की ही उमर सठिया गयी है
और सहारे के लिए,हाथों में,लाठियां आ गयी है
मगर कुछ नेताओं ने,
सत्ता को बना लिया अपनी बपौती है
इसलिए लाठी,जो सहारे के लिए होती है
उसका उपयोग,हथियारों की तरह करवाने लगे है
और विरोधियों पर लाठियां भंजवाने लगे है
विद्रो ...
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Jan 26, 2012
| Author: Ghotoo
| Source: *साहित्य प्रेमी संघ*
बूढा होता प्रजातंत्र
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पेंसठ साल का प्रजातंत्र
और बासठ का गणतंत्र
दोनों की ही उमर सठिया गयी है
और सहारे के लिए,हाथों में,लाठियां आ गयी है
मगर कुछ नेताओं ने,
सत्ता को बना लिया अपनी बपौती है
इसलिए लाठी,जो सहारे के लिए होती है
उसका उपयोग,हथियारों की तरह करवाने लगे है
और विरोधियों पर लाठियां भंजवाने लगे है
विद्रो ...
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Jan 26, 2012
| Author: Ghotoo
| Source: *साहित्य प्रेमी संघ*
मात शारदे
मुझे प्यार दे
वीणा वादिनी,
नव बहार दे
मन वीणा को
झंकृत करदे
हंस वाहिनी
एसा वर दे
सत पथ अमृत
मन में भर दे
बुद्धि दायिनी
नव विचार दे
मात शारदे
ज्ञान सुधा की
घूँट पिलादे
सुप्त भाव का ,
जलज खिलादे
गयी चेतना,
फिर से ला दे
दाग मग नैया
लगा पार दे
मात शारदे
भटक रहा मै
दर दर ओ माँ
नव प्रकाश दे
तम हर ओ माँ
नव ले दे तू ...
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Jan 26, 2012
| Author: Ghotoo
| Source: *साहित्य प्रेमी संघ*
मात शारदे
मुझे प्यार दे
वीणा वादिनी,
नव बहार दे
मन वीणा को
झंकृत करदे
हंस वाहिनी
एसा वर दे
सत पथ अमृत
मन में भर दे
बुद्धि दायिनी
नव विचार दे
मात शारदे
ज्ञान सुधा की
घूँट पिलादे
सुप्त भाव का ,
जलज खिलादे
गयी चेतना,
फिर से ला दे
दाग मग नैया
लगा पार दे
मात शारदे
भटक रहा मै
दर दर ओ माँ
नव प्रकाश दे
तम हर ओ माँ
नव ले दे तू ...
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Jan 26, 2012
| Author: महेन्द्र श्रीवास्तव
| Source: आधा सच...
उत्तर प्रदेश के चुनावी सफर पर निकला तो कुछ उत्साहित था, मुझे लग रहा था कि ईमानदारी को लेकर अन्ना ने इतनी तो जागरुकता फैला ही दी होगी कि गांव गांव में लोग ईमानदारी की बात करते होंगे और चुनाव में इस बार दागी उम्मीदवारों से दूरी बनाकर ईमानदार और साफ सुथरी छवि वाले उम्मीदवार के साथ खड़े होंगे। सच बताऊं मेरा सोचना गलत था, चुनावों में कुछ भी नहीं बदल ...
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Jan 26, 2012
| Author: DR. ANWER JAMAL
| Source: Hindi Bloggers Forum International (HBFI)
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Jan 26, 2012
| Author: KK Yadav
| Source: डाकिया डाक लाया
आइये हम सभी गणतंत्र के इस जश्न में शामिल हों और भारत को एक समृद्ध राष्ट्र बनायें.
गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें !! जय हिंद !! जय भारत !!
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Jan 26, 2012
| Author: Ghotoo
| Source: *साहित्य प्रेमी संघ*
मन बसंत था कल तक जो अब संत हो गया
अभिलाषा, इच्छाओ का बस अंत हो गया
जब से मेरी प्राण प्रिया ने करी ठिठोली
राम करू क्या बूढ़ा मेरा कंत हो गया
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Jan 26, 2012
| Author: Ghotoo
| Source: *साहित्य प्रेमी संघ*
मन बसंत था कल तक जो अब संत हो गया
अभिलाषा, इच्छाओ का बस अंत हो गया
जब से मेरी प्राण प्रिया ने करी ठिठोली
राम करू क्या बूढ़ा मेरा कंत हो गया
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Jan 26, 2012
| Author: रौशन जसवाल विक्षिप्त
| Source: *साहित्य प्रेमी संघ*
हर एक में कहीं
भीतर ही होता है कृष्ण
और होता है
एक निरंतर महाभारत
भीतर ही भीतर,
क्यों ढूढते है हम सारथी
जब स्वयं में है कृष्ण,
मैं तुम और हम में बटा ये चक्रव्यूह
तोड़ता है भीतर का ही अर्जुन,
माटी है और सिर्फ माटी है
हर रोज यहां देखता हुं
मैं तुम और हम का कुरुक्षेत्र !!
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Jan 26, 2012
| Author: रौशन जसवाल विक्षिप्त
| Source: *साहित्य प्रेमी संघ*
हर एक में कहीं
भीतर ही होता है कृष्ण
और होता है
एक निरंतर महाभारत
भीतर ही भीतर,
क्यों ढूढते है हम सारथी
जब स्वयं में है कृष्ण,
मैं तुम और हम में बटा ये चक्रव्यूह
तोड़ता है भीतर का ही अर्जुन,
माटी है और सिर्फ माटी है
हर रोज यहां देखता हुं
मैं तुम और हम का कुरुक्षेत्र !!
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Jan 26, 2012
| Author: devendra ojha
| Source: नुक्कड़
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Jan 26, 2012
| Author: Ashok Pande
| Source: कबाड़खाना
सत्तर की दहाई के शुरुआती सालों में मनाली के नज़दीक भारत की सरहदों पर बन रही सडकों पर मज़दूरी कर रहे एक गरीब तिब्बती शरणार्थी परिवार में जन्मे तेनजिन की तीन पुस्तकें छाप चुकी हैं. इनमें दो कविता-संग्रह हैं और एक उनके लेखों का संग्रह. अपना पहला कविता संग्रह छपने के लिए उन्होंने अपने सहपाठियों से पैसे उधार मांगे थे - तब वे बम्बई में अंग्रेजी साहित ...
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Jan 26, 2012
| Author: चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’
| Source: Ghafil ki Amaanat
याँ पे तो बिन बुलाये चले आइए जनाब!
खुश होइए भी और खुशी लुटाइए जनाब!!
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Jan 26, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
आज पुरे देश में गणतन्त्र का जश्न बनाने की रस्म निभायी जा रही है कल इसी देश में मतदाता दिवस मनाया गया था यहाँ कहने को तो रोज़ किसी न किसी रूप में कोई न कोई त्यौहार कोई न कोई दिवस मनाया जाता है लेकिन देश के दो बढ़े पर्व एक तो स्वतन्त्रता और दूसरा आज का गणतन्त्र महत्वपूर्ण अविस्मरनीय और गोर्व्शाली दिन है ..इन समारोह के चलते देश के लोकतंत्र के रक्ष ...
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Jan 26, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
26 जनवरी 1950 को पहला गणतंत्र दिवस इर्विन स्टेडियम (आज का नेशनल स्टेडियम) में मनाया गया था। तब इसकी चहारदीवारी नहीं बनी थी। पृष्ठभूमि में पुराना किला नजर आता था।
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Jan 26, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
- श्रुति अग्रवाल
दरगाह अजमेर शरीफ...एक ऐसा पाक-शफ्फाक नाम है जिसे सुनने मात्र से ही रूहानी सुकून मिलता है। अजमेर शरीफ में हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्ला अलैह की मजार की जियारत कर दरूर-ओ-फातेहा पढ़ने की चाहत हर ख्वाजा के चाहने वाले की होती है, लेकिन हर कोई उनके द्वार पर दस्तक नहीं दे पाता ऐसे सभी श्रद्धालुओं के लिए धर्मयात्रा में ...
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Jan 26, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
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Jan 26, 2012
| Author: Ravishankar Shrivastava
| Source: छींटें और बौछारें
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Jan 26, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
www.akhtarkhanakela.com
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Jan 26, 2012
| Author: Vijay Kumar Sappatti
| Source: नुक्कड़
कुछ दिन पहले तक मेरी हालात बहुत खराब थी . मुझे कहीं से कोई भी अटेंशन नहीं मिल रही थी . हर कोई मुझे बस टेंशन दे कर चला जाता था, जैसे मैं रास्ते का भिखारी हूँ और हर कोई मुझे भीख में टेंशन दे जाता था, मैं बहुत दुखी था , अटेंशन पाने के लिए मैंने अलग अलग रास्ते अपनाने शुरू कर दिए .
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Jan 26, 2012
| Author: KK Yadav
| Source: शब्द-सृजन की ओर...
तीन रंगों का प्यारा झण्डा
राष्ट्रीय ध्वज है कहलाता
केसरिया, सफेद और हरा
आन-बान से यह लहराता
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Jan 26, 2012
| Author: Pakhi
| Source: पाखी की दुनिया
प्यारा-प्यारा देश हमारा.
सारे जग से है ये न्यारा.
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Jan 26, 2012
| Author: Madhav
| Source: माधव
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Jan 26, 2012
| Author: RAJEEV KULSHRESTHA
| Source: BLOG WORLD.COM
इनका शुभ नाम है शैफ़ाली पाण्डे । और Industry है Education और इनका Occupation है Teaching और शैफ़ाली जी की Location है - हल्द्वानी उत्तराखंड India शैफ़ाली जी अपने
Introduction में कहती हैं - मैं अंग्रेज़ी अर्थशास्त्र एवं शिक्षा शास्त्र ( एम. एड ) विषयों से स्नातकोत्तर हूँ । लेकिन मेरे प्राण हिंदी में बसते हैं । उत्तराखंड के ग्रामीण अंचल के एक स ...
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Jan 26, 2012
| Author: अविनाश वाचस्पति
| Source: अविनाश वाचस्पति
चुनाव चिन्ह ‘जूता’ जिसने भी इस सूचना को पढ़ा, पहले तो वह चौंका। फिर जोर जोर से भौंका, उसके भौंकने का आशय यही निकला कि इस चुनाव चिन्ह को लेने का तो उसकी पार्टी का अधिकार है, उसने इतिहास बतलाया कि सबसे पहले उसकी पार्टी के कद्दावर नेता ने जूता खाया था और कद नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया था। इस तरह के अनेक दावे वह सभी पार्टियां कर रही थीं, जिन्होंने ज ...
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Jan 26, 2012
| Author: अशोक पुनमिया
| Source: Ashok Punamiya's Blog
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साठ वर्षों से ज्यादा उम्र वाले 'गणतंत्र' में आज भी 'रोटी-कपड़ा-मकान' की बात चिंताजनक और थोड़ी हास्यास्पद लग सकती है,लेकिन वास्तविकता यही है !
लग-भाग १२० करोड़ की आबादी में से मुट्ठी भर,तथाकथित 'गणमान्य' लोग आज 'संपन्न' है,और देश के 'तंत्र' पर कब्ज़ा किये हुए हैं,जबकि एक बड़ा तबका आज भी गाँवों स ...
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Jan 26, 2012
| Author: अविनाश वाचस्पति
| Source: नुक्कड़
बतलाना होगा कि क्या सरकार उसे उनके घर से उन्हें बुलाने के लिए गई थी कि आप आकर परेड के दर्शन कीजिए। झांकियों का लुत्फ लीजिए। किसने कहा है कि इतनी कड़ाके की ठंड में न तो खुद चैन से रहें और न सुरक्षा में लगी हुई टीमों को चैन से रहने दें। नेपथ्य में गीत बज रहा है ‘परदे में रहने दो, परदा न हटाओ, परदा जो हट गया तो भेद खुल जाएगा’। जबकि इन परदों के ...
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Jan 26, 2012
| Author: चैतन्य शर्मा
| Source: चैतन्य का कोना
सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें ...... जय हिंद
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नार्वे में भारतीय मूल के अभिभावकों से उनके बच्चे इसलिए ले लिए गए क्योंकि बच्चों को अपने हाथों से खाना खिलाना और अपने साथ सुलाना , इस देश में बच्चों की उचित देखभाल न होने का मामला है । सात महीने तक अपने माता-पिता से अलग रहने के बाद खबर है कि अब दोनों बच्चों को उनके चाचा को सौंपा जायेगा ।
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Jan 25, 2012
| Author: Khushdeep Sehgal
| Source: देशनामा
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Jan 25, 2012
| Author: Amit Chandra
| Source: ehsas
कुछ दिनों से व्यस्तता की वजह से ब्लॉग से दूर हूँ जिसकी वजह से आपलोगों की रचनाओं को नहीं पढ़ पा रहा हूँ. आप लोगों के पास अपनी एक पुरानी रचना छोड़े जा रहा हूँ. इसे मैंने अगस्त महीने में ब्लॉग पर डाला था. जैसे ही समय मिलता है आप लोगो के पास वापस आ जाऊंगा. तब तक के लिए आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें.
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Jan 25, 2012
| Author: Rajeev Sharma
| Source: कलम कवि की
मेरे क्यूँ नैन बहते हैं कोई तो आकर ये पूछो
तड़प कैसी जगी इनमे कोई उठा कर तो पूछो
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Jan 25, 2012
| Author: mangal yadav
| Source: उत्तरप्रदेश ब्लॉगर्स असोसिएसन
मंगल यादव, दिल्ली 2-जी स्पेक्ट्रम, आदर्श सोसाइटी और खेल घोटाले के बाद के अब यूपी में 10 हजार करोड़ रुपये का राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन घोटाला एक बार फिर रोंगटे खडा कर दिया है। देश में हो रहे घोटाला दर घोटाला ने साबित कर दिया है कि सरकार चाहे किसी भी पार्टी की हो जनता का पैसा राजनेता और सीनियर अधिकारी मिलकर लूटेगे ही।उत्तर प्रदेश में मामल ...
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नेताओं की अंतरात्मा केवल चुनाओं के समय ही क्रियाशील क्यों होती है ,ये बात बिलकुल गले नहीं उतरती .कहीं नेताओं की अंतरात्मा 'हाथी के दांत खाने के और दिखाने केऔर'की तर्ज़ पर तो नहीं होती!!!!!!!!!
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Jan 25, 2012
| Author: Vidhu
| Source: ताना-बाना
कुछ चीजों तक हम बार-बार पहुँचते हें कब कैसे और ये भी नहीं जानते कि वो हमारी खुशियों भरी नियति क्यों बनती जाती है ..और हमेशा उन खुशियों का अकेलापन ---एक बनी बनाई चौखट से आर-पार आता-लेजाता रहता है चकित करता सा,शामे ढलती हें सुबहें होती हें दिल-दिमाग पर जमा सोच कि परतें उतरती हें कुछ तो ऐसी कि ताउम्र नहीं उतरे तमाम कोशिशों के बाद भी और कुछ...ते ...
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Jan 25, 2012
| Author: अजेय
| Source: कबाड़खाना
ईश्वर और गीधबहुत पहले जब कायदा कानून नही था , गीध बहुत ताक़त वर पक्षी था, और इनसानी बच्चों को खा जाया करता था . वे हमेशा अकेले खेल रहे बच्चों की ताक मे रहता और मौका पाते ही उन्हे उठा ले जाता था . एक गाँव मे लोग गीध के इस कृत्य से परेशान हो गए थे. अतः उन्हो ने ईश्वर के पास शिकायत लगाई. प्रभु इस गीध का कुछ करो वर्ना यह तो हमारी संतति को आगे बढ़ने ह ...
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Jan 25, 2012
| Author: I and god
| Source: उत्तरप्रदेश ब्लॉगर्स असोसिएसन
the second war for independece : आजादी कि दूसरी लड़ाई, घर में , गद्दारों से , अपने से
आजादी की दूसरी लड़ाई के लिए तैयार हो !या ये काम अन्ना जैसों को सौप दिया है !
happy re-public day will be celebrated, when india will be free from corruption.
पर हम क्या कर सकते हैं ? बच्चे पालें या सारकार का विरोध करके , सलाखों के पीछे ...
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Jan 25, 2012
| Author: शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद''
| Source: जज़्बात جذبات Jazbaat
एक क़ता हाज़िर है-
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....कर्म की बाती, ज्ञान का घृत हो, प्रीति के दीप जलाओ...
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Jan 25, 2012
| Author: Atul Shrivastava
| Source: Blog News
अंदाज ए मेरा: बकरी की हांक से पद्मश्री के धाक तक.....: अपने गांव सुकुलदैहान में बकरी चराती फुलवासन ‘’एक छोटा सा गांव। गांव के कोने में एक खपरैल वाला छोटा सा मकान। इस मकान में एक परिवार। परिव...
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Jan 25, 2012
| Author: Neeraj Dwivedi
| Source: Life is just a life
धधकते घाव बंजर जमीन के,
शर्मों हया का पानी नदारद है,
मैं देख सोच जलता हूँ,
जर्रा जर्रा पिघलता हूँ,
मत होना विस्मित उस दिन,
जो दूर नहीं,
जब दुनिया का सिरमौर बना,
मैं हँसता हूँ।
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Jan 25, 2012
| Author: डॉ. जेन्नी शबनम
| Source: लम्हों का सफ़र
स्वतः नहीं जन्मी...
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Jan 25, 2012
| Author: Dr. shyam gupta
| Source: उत्तरप्रदेश ब्लॉगर्स असोसिएसन
<!--[if gte mso 9]> Normal 0 false false false EN-US X-NONE X-NONE <![endif]--><!--[if gte mso 9]>
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Jan 25, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
वाशिंगटन. सूरज पर चल रही आंधी का असर धरती तक पहुंचने का अंदेशा है। वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि इससे पैदा हुई लपटें बुधवार को पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकरा सकती हैं। इससे विमानों की आवाजाही, बिजली और उपग्रह सेवा प्रभावित होने के आसार हैं।
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Jan 25, 2012
| Author: devendra ojha
| Source: नुक्कड़
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Jan 25, 2012
| Author: अनुपमा त्रिपाठी...
| Source: anupama's sukrity!: बस सुबह की धूप .....!!
षडज का स्वर ...
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Jan 25, 2012
| Author: Shivam Vij
| Source: Kafila
This release comes from the ASSOCIATION OF PARENTS OF DISAPPEARED PERSONS, the Bund, Amira Kadal, Srinagar – 190001, Jammu and Kashmir Press Statement, 25th January 2012: On 17th October 2011, Association of Parents of Disappeared Persons (APDP) submitted an application for information under Right to Information Act 2009 to the office of the Pu ...
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Jan 25, 2012
| Author: devendra ojha
| Source: नुक्कड़
क्यों हमसे रूठते हो, बात नहीं इतनी बड़ी ?
दोस्ती और प्यार मै, तकरार क्यों इतनी बड़ी ?
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Jan 25, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
आज २६ जनवरी यानी गणतन्त्र यानी जनता दिवस लोकतंत्र दिवस है ...दोस्तों इस दिन के लियें वेसे तो आप सभी भाइयों और बहनों को बधाई ..हम और आप क्या ,सारा देश और सारा देश ही क्या, सारा विश्व जानता है के भारत के दो राष्ट्रीय पर्व पन्द्राह अगस्त और छब्बीस जनवरी है जो गोरव दिवस के रूप में मनाये जाते है ..दोस्तों पहले गणतन्त्रऔर आज के गणतन्त्र में ज़मीं आसमा ...
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Jan 25, 2012
| Author: DR. ANWER JAMAL
| Source: Blog News
रुश्दी घटिया और दोयम दर्जे के लेखक: काटजू
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Jan 25, 2012
| Author: शिखा कौशिक
| Source: उत्तरप्रदेश ब्लॉगर्स असोसिएसन
आओ मिलकर हम मनाएं गणतंत्र का दिन
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Jan 25, 2012
| Author: smshindi By Sonu
| Source: एक ब्लॉग सबका
गणतंत्र दिवस हर वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है, 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ!
बस तभी से देश गणतंत्र हुआ और उसी उपलक्ष मे गणतंत्र दिवस हर वर्ष मनाया जाता है!
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Jan 25, 2012
| Author: udaya veer singh
| Source: उन्नयन (UNNAYANA)
समस्त देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बहुत -२ बधाईयाँ और शुभ -कामनाएं
- जय हिंद -
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Jan 25, 2012
| Author: दिलबाग विर्क
| Source: साहित्य सुरभि
हुए थे सूरमा कई , जो खेले थे जान पर
उनके ही प्रताप से , ये देश स्वतंत्र है ।
न हो तानाशाह कोई , जनता का राज रहे
दे संविधान बनाया , इसे गणतन्त्र है ।
अधूरे रहे सपने , जनता लाचार हुई
न रहा ईमान कहीं , भ्रष्ट सारा तन्त्र है ।
बचे नहीं भ्रष्ट कोई , हो न यहाँ कष्ट कोई
देश मेरा जान मेरी , यही एक मन्त्र है ।
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Jan 25, 2012
| Author: उच्चारण
| Source: उच्चारण
गणतन्त्रदिवस की शुभवेला में,
आओ तिरंगा फहरायें।
देशभक्ति के गीत प्रेम से,
आओ मिल-जुलकर गायें।।
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Jan 25, 2012
| Author: Ashok Pande
| Source: कबाड़खाना
फ़रीद अयाज़ और अबू मोहम्मद क़व्वाल की एक और लाइव रेकॉर्डिंग आपके लिए पेश करता हूँ. बेहतरीन चीज़ है. अवश्य सुनें.
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Jan 25, 2012
| Author: Anita
| Source: मन पाए विश्राम जहाँ
गणतन्त्र दिवस की शुभकामनायें !
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Jan 25, 2012
| Author: Ravishankar Shrivastava
| Source: छींटें और बौछारें
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Jan 25, 2012
| Author: ईं.प्रदीप कुमार साहनी
| Source: मेरी कविता
ढुँढती है नजरें तुझे हर दिन और हर रात,
आईने में नजरें अब तो तुझे तलाशती है ।
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Jan 25, 2012
| Author: मुकेश कुमार तिवारी
| Source: कवितायन
प्रेम,
अपने को व्यक्तकरने केलिए
केवल सौन्दर्यकोही
नही खोजता
वह किसी भी रूप में
तलाश लेता है
स्वयं को अभिव्यक्तकरने कारास्ता
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Jan 25, 2012
| Author: VINAY PANDEY
| Source: ON LINE HINDI JOURNAL
INDIA FLAG - SHORT HISTORY & MEANING OF TRICOLOUR IN INDIAN FLAG
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Jan 25, 2012
| Author: चंद्रमौलेश्वर प्रसाद
| Source: कलम
लोकतंत्र - कितना सफल
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Jan 25, 2012
| Author: पत्रकार-अख्तर खान "अकेला"
| Source: Akhtar Khan Akela
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Jan 25, 2012
| Author: SACCHAI
| Source: AAWAZ
आज की तस्वीर :
" जिस बात को देश की मिडिया छुपा रही है वही बात की साफ़ साफ़ तस्वीर आप को देखने मिलेगी ये ब्लॉग में ..वो सत्य जिसे मिडिया ने छुपाया ..वो सत्य जिसे सरकार ने भी छुपाया ,सत्य बात दिखाने की जगह मिडिया भी जब दिखाती है गलत तस्वीर तब देश में फैलता है भ्रष्टाचार ..."
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Jan 25, 2012
| Author: Vishal
| Source: Aabshaar
Thodi si achhayi se tu sadiyon jaanaa jaayega
Andhon mein gar kaanaa hai tu raajaa maanaa jaayegaa
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Jan 25, 2012
| Author: RAJEEV KULSHRESTHA
| Source: BLOG WORLD.COM
इनका शुभ नाम है Dr.J.P.Tiwari डा. जे पी तिवारी । और इनकी Industry है Government और इनकी Location है Lucknow Ballia Uttar Pradesh India और श्री तिवारी जी हैं ये - M A ( Hindi Philosophy ) Ph D ( Philosophy ) Former Senior Research Fellow Ministry of Tourism & Culture Govt. of India Believe in Simplicity Morality and Faith in Indology तिवारी जी ...
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Jan 25, 2012
| Author: Sadhana Vaid
| Source: Sudhinama
यह कैसी खामोशी !
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Jan 25, 2012
| Author: रविकर
| Source: दिनेश की दिल्लगी, दिल की सगी
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Jan 25, 2012
| Author: NARESH SINGH RATHORE
| Source: मेरी शेखावाटी
मै सोचता हूँ , जब भी मौक़ा मिलता है ,तेरे खयालो में गुम रहना ही अच्छा लगता है | ये आदत पहले नहीं थी ,पता नहीं आजकल क्यों पड़ गयी है | सोचता हूँ ,डोली स्कूल से आ गयी होगी ,उसे अपने प्रोजेक्ट के लिए सामान जुटाने में तुम्हे एक दूकान से दूसरी दूकान तक चक्कर लगाने पड़ रहे होंगे | तुम्हारी कार भी अब बुढी होने लगी है | मैंने तुम्हे बहुत बार समझाया ...
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Jan 25, 2012
| Author: Sadhana Vaid
| Source: Unmanaa
सखी री नव वसन्त आया !
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---------- Forwarded message ----------
From: Naveen Vig
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Jan 25, 2012
| Author: Kailash Sharma
| Source: बच्चों का कोना
ओढ़े त्रय रंगी चुनरी,
छब्बीस जनवरी आयी.
पूरे भारत ने मिलकर
गणतंत्र की खुशी मनायी.
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Jan 25, 2012
| Author: संध्या शर्मा
| Source: MAIN AUR MERI KAVITAYEN
वक़्त कल तुमसे हिसाब मांगेगा
सुलगते सवालों का जवाब मांगेगा
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Jan 25, 2012
| Author: Pramod Singh
| Source: अज़दक
देखा मैंने बहुत देखा खूब देखा
हाथ की घड़ी बूढ़े का बिवाय देखा
चिलकती धूप में गाता बंजारा
आवारा, गुमनाम सितारा देखा
तीन शहर चार नदियां देखी
जलते जंगलों के पीछे दहकता आसमां
तिलिस्मी रात काली, तनी दोनाली देखी
गूंगों का गांव मरने के दावं देखे
आह की औकात उफ्फ की जात
देखा क्या क्या कि आंखें दुख गईं
तुमको देखा, हां, देखा था, अगर
मगर सचमुच क ...
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Jan 25, 2012
| Author: शिखा कौशिक
| Source: earthly heaven
we live-love ''india''
so we are ''indian'',
india like an earthly heaven.
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Jan 25, 2012
| Author: RAJEEV KULSHRESTHA
| Source: सत्यकीखोज/आत्मग्यान/ SEARCH OF TRUTH/KNOW YOUR SOUL
क्या आप जानते हैं । जब भी कोई सच्चा सन्त आपसे आत्मा की आत्मज्ञान की बात करता है । तो यकायक आप चौंक से उठते हैं । झंकृत हो उठते हैं । कुछ भूला सा । कुछ खोया सा याद आता है । कोई हूक सी अन्दर उठती है । और आप बैचेन से होकर सब कुछ जानने को उतावले हो उठते हैं । लेकिन ये सब एक क्षणिक टंकार के समान ध्वनि आपके अन्दर होकर रह जाती है । और फ़िर आप - यों ? ...
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Jan 25, 2012
| Author: Ashok Pande
| Source: कबाड़खाना
आज से आप को तिब्बत के युवा विद्रोही कवि तेनजिन त्सुंदे की कुछ कविताओं से परिचित करने जा रहा हूँ. २००१ का पहला आउटलुक-पिकाडोर नौन-फिक्शन अवार्ड पाने वाले तेनजिन ने मद्रास से स्नातक की डिग्री लेने के बाद तमाम जोखिम उठाते हुए पैदल हिमालयी दर्रे पार किए और अपनी मातृभूमि तिब्बत का हाल अपनी आँखों से देखा. चीन की सीमा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर तीन ...
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Jan 25, 2012
| Author: Anita
| Source: श्रद्धा सुमन
श्री मद् आदि शंकराचार्य द्वारा रचित
विवेक – चूड़ामणि
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Jan 25, 2012
| Author: केवलकृष्ण
| Source: जरा इधर भी
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Jan 25, 2012
| Author: संजीव शर्मा
| Source: नुक्कड़
दुनिया भर में चल रही मुहिम ने असर दिखाया तो आने वाले समय में नवजात शिशुओं को भी मतदान का अधिकार मिल सकता है.यदि ऐसा हुआ तो माँ-बाप की गोद में चढ़ने वाले बच्चे भी अपने अभिभावकों की तरह सज-धजकर वोट डालते नज़र आयेंगे.वैसे भारत में भी नवजात तो नहीं परन्तु 16 साल के किशोरों को मतदान का अधिकार मिल सकता है.दरअसल खुद निर्वाचन आयोग भी 16 साल तक के किशोरों ...
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Jan 25, 2012
| Author: संजीव शर्मा
| Source: जुगाली
दुनिया भर में चल रही मुहिम ने असर दिखाया तो आने वाले समय में नवजात शिशुओं को भी मतदान का अधिकार मिल सकता है.यदि ऐसा हुआ तो माँ-बाप की गोद में चढ़ने वाले बच्चे भी अपने अभिभावकों की तरह सज-धजकर वोट डालते नज़र आयेंगे.वैसे भारत में भी नवजात तो नहीं परन्तु 16 साल के किशोरों को मतदान का अधिकार मिल सकता है.
दरअसल खुद निर्वाचन आयोग भी 16 साल तक के किशोर ...
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Jan 25, 2012
| Author: Lata R.Ojha
| Source: एक गीत अनोखा लायी हूँ... - Open Books Online
कुछ ज़िन्दगी का साथ मैंने यूं निभाया ..
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Jan 25, 2012
| Author: Lata R.Ojha
| Source: एक गीत अनोखा लायी हूँ... - Open Books Online
कुछ आंसू छुपाके रखे थे मैंने..
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Jan 25, 2012
| Author: Lawrence Liang
| Source: Kafila
Sec. 153A of the Indian Penal Code – that favored child of the religious right- provides for punishment of upto three years imprisonment for the promotion by words (spoken or written) of disharmony, feelings of enmity, hatred or ill will between religious communities. The punishment laid down in this section has to one of the [...]
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Jan 25, 2012
| Author: ऋता शेखर मधु
| Source: मधुर गुंजन
चित्र गूगल से साभार
नटखट कन्हैया जा रहे हैं, धर्म से अनजान हैं|
बैठे सकीना गोद में वे, मंद सी मुस्कान है||
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Jan 25, 2012
| Author: वन्दना
| Source: ज़ख्म…जो फूलों ने दिये
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Jan 25, 2012
| Author: prerna argal
| Source: *साहित्य प्रेमी संघ*
prerna ki kalpanayen: फेस-बुक क्या है ?: फेस-बुक क्या है ? आइये मैं आपको फेस-बुक क्या है ,के बारे में कुछ जानकारी देती हूँ /फेस-बुक में सबसे पहले आपको google or yahoo ...
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Jan 25, 2012
| Author: prerna argal
| Source: *साहित्य प्रेमी संघ*
prerna ki kalpanayen: फेस-बुक क्या है ?: फेस-बुक क्या है ? आइये मैं आपको फेस-बुक क्या है ,के बारे में कुछ जानकारी देती हूँ /फेस-बुक में सबसे पहले आपको google or yahoo ...
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आज का जीवन सूत्र-२५-१-२०१२
To SEE MORE POSTINGS(AAJ KA VICHAR) VISIT BLOGS
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---------- Forwarded message ----------
From: Praveen Verma
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Jan 25, 2012
| Author: Asha Saxena
| Source: *साहित्य प्रेमी संघ*
यह ज़िन्दगी की शाम
अजब सा सोच है
कभी है होश
कभी खामोश है |
कभी थे स्वाद के चटकारे
चमकती आँखों के नज़ारे
पर सब खो गये गुम हो गये
खामोश फ़िजाओं में हम खो गये |
कभी था केनवास रंगीन
जो अब बेरंग है
मधुर गीतों का स्वर
बना अब शोर है
पर विचार श्रंखला मे
ना कोई रोक है
और ना गति अवरोध है |
हाथों में था जो दम
अब वे कमजोर है
चलना हुआ दुभर
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Jan 25, 2012
| Author: Asha Saxena
| Source: *साहित्य प्रेमी संघ*
यह ज़िन्दगी की शाम
अजब सा सोच है
कभी है होश
कभी खामोश है |
कभी थे स्वाद के चटकारे
चमकती आँखों के नज़ारे
पर सब खो गये गुम हो गये
खामोश फ़िजाओं में हम खो गये |
कभी था केनवास रंगीन
जो अब बेरंग है
मधुर गीतों का स्वर
बना अब शोर है
पर विचार श्रंखला मे
ना कोई रोक है
और ना गति अवरोध है |
हाथों में था जो दम
अब वे कमजोर है
चलना हुआ दुभर
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Jan 25, 2012
| Author: Arvind Mishra
| Source: क्वचिदन्यतोअपि..........!
यह शुरुआत पिछले वर्ष से हुई. २५ जनवरी ,२०११ को पहला राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया गया था .दरअसल २५ जनवरी १९५० को भारत निर्वाचन आयोग का गठन हुआ था और इस लिहाज से यह शुभ दिन लोकतंत्र के इस अधिष्ठान का स्थापना दिवस भी है . और विगत वर्ष को यही तिथि मतदाताओं के नाम कर दी गयी ...उन्हें लोकतंत्र के प्रति उनके दायित्वों को याद दिलाने और खुद उनके महत् ...
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Jan 25, 2012
| Author: ऋता शेखर मधु
| Source: हिन्दी-हाइगा
मनता रहे
गणतंत्र दिवस
चिर शाश्वत|
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Jan 25, 2012
| Author: udaya veer singh
| Source: उन्नयन (UNNAYANA)
गीत गायें की मधु रस बरसने लगे,
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Jan 25, 2012
| Author: मनोज कुमार
| Source: विचार
पिछले दिनों कई बातें ऐसी हुईं जिसने आज इस कविता को इस ब्लॉग पर पोस्ट करने को प्रेरित किया। “मनोज” ब्लॉग पर श्यामनारायण मिश्र जी का एक नवगीत ऐसा ही बचा हुआ गाँव है पोस्ट किया गया था। इस पर आदरणीय राजेश उत्साही जी की टिप्पणी आई -
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Jan 25, 2012
| Author: मनोज कुमार
| Source: मनोज
स्मृति शिखर से... 4:
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Jan 25, 2012
| Author: Pramod Singh
| Source: अज़दक
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Jan 24, 2012
| Author: Khushdeep Sehgal
| Source: देशनामा
रालेगण सिद्धि में मंगलवार रात को निर्देशक रुमी जाफरी की नई फिल्म गली गली चोर है की अन्ना हज़ारे के लिए खास तौर पर स्क्रीनिंग की गई...भ्रष्टाचार पर बनी इस कामेडी फिल्म को गांव वालों के साथ देखने के बाद अन्ना हज़ारे ने मीडिया से भी बात की...
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Jan 24, 2012
| Author: Shivam Vij
| Source: Kafila
This release comes from the JAMIA TEACHERS’ SOLIDARITY ASSOCIATION The Maharashtra ATS claims to have cracked the 13/7 blasts case. Its chief has revealed in a press conference that Indian Mujahideen was behind the Mumbai blasts. And yet, the Ministry of Home Affairs remains far from impressed—indeed, it appears rather irritated. And the press, ...
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Jan 24, 2012
| Author: manish mishra
| Source: ON LINE HINDI JOURNAL
पहला प्यार पहला प्यार होता है ।
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Jan 24, 2012
| Author: सुमन'मीत'
| Source: ❀अर्पित ‘सुमन’❀
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Jan 24, 2012
| Author: शिखा कौशिक
| Source: vicharon ka chabootra
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर आप सभी से ये निवेदन है कि अपने वोट के अधिकार का प्रयोग करें .हम सौभाग्यशाली हैं जो हमें ये अधिकार मिला है .विशेष रूप से भारत की महिलाएं .विश्व के अनेक देशों में आज भी महिलाओं को वोट करने का अधिकार नहीं है .इस लिए सजग होकर इस अधिकार का प्रयोग करें -
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Jan 24, 2012
| Author: Ashok Pande
| Source: कबाड़खाना
अभिनव कुमार मेरे अन्तरंग मित्र हैं. खूब पढ़ते-लिखते हैं और अपनी बेबाकी के लिए खासे विख्यात. फिलहाल देहरादून में डी आई जी के पद पर हैं.
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Jan 24, 2012
| Author: ईं.प्रदीप कुमार साहनी
| Source: मेरी कविता
बड़ी ही शबनमी-सी है ये रात,
क्यों न मचले हृदय के जज्बात,
आशा में देवी निद्रा से हसीन मुलाकात,
आँखों ही आँखों में ज्यों हो जाए बात ।
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Jan 24, 2012
| Author: AlbelaKhatri.com
| Source: Albelakhatri.com
एक समय था जब हिन्दी कवि-सम्मेलनों में प्रस्तुति देने वाले सभी कवियों की
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Jan 24, 2012
| Author: नीलम अंशु
| Source: समवेत स्वर - Samvet Swar
`sCxr pv Yt p¤!
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